प्रयागराज, जागरण संवाददाता। बिना परीक्षा प्रमोशन की मांग कर रहे छात्रो का आंदोलन गलत रास्ते पर बढ़ गया। दिन भर धरना औऱ नारेबाजी करने वाले ये छात्र आधी रात आपस में ही मारपीट करने लगे जिससे इवि परिसर में शोरगलु मच गया। सोमवार को सैकड़ों की संख्या में विधि छात्र-छात्राओं ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय परिसर में मांगों को लेकर पुरजोर आवाज बुलंद की। परीक्षा नियंत्रक कार्यालय को घेराव भी किया। दिनभर नारेबाजी-विरोध प्रदर्शन चला। वहीं, इवि प्रशासन परीक्षा कराने पर अड़ा रहा। इसके बाद विधि छात्रों ने प्रमोशन, दर्ज मुकदमे वापस लेने और फीस वृद्धि को लेकर अनशन का ऐलान कर दिया।

और फिर आधी रात कर ली आपस में मारपीट जिससे मचा हंगामा

दिन भर धरना और नारेबाजी के बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय में देर रात अनशन कारियों के बीच में मारपीट हो गई। पार्क में बैठे अनशन कारियों में किसी बात को लेकर बहस हुई और इसके बाद जमकर लात-घूंसे और लाठी-डंडे चले। अनशनकारियों की सुरक्षा के लिए तैनात पुलिस कर्मियों ने तुरंत मोर्चा संभाला और मारपीट कर रहे अनशन कारियों को वहां से खदेड़ दिया। धरना स्थल पर मौजूद छात्रों ने बताया कि अनशन में शामिल होने के लिए आए कुछ छात्र पार्क में बैठकर बीयर पार्टी कर रहे थे। इस दौरान कहासुनी होने पर एक छात्र को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया। इससे वहां अफरा-तफरी मच गई। सीओ कर्नलगंज अजीत सिंह का कहना है कि मारपीट में किसी छात्र को चोट नही आई है। कोई फरियादी भी थाने पर नही आया। अगर तहरीर मिलती है तो मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

सुबह 10 बजे से परिसर में नारेबाजी और प्रदर्शन के कारण छावनी बन गया इवि परिसर

इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने दो दिन पहले शैक्षणिक कैलेंडर जारी किया था। इसमें दूसरे, पांचवें, सातवें और नौवें सेमेस्टर की कक्षाएं सात जुलाई से प्रस्तावित दिखाई गई है। इससे नाराज प्रथम और चतुर्थ सेमेस्टर के छात्रों को प्रमोट कर जुलाई से कक्षाओं की मांग कर रहे सैकड़ों छात्र सोमवार सुबह इवि परिसर पहुंच गए। प्रदर्शनकारी छात्रों की अधिक संख्या को देखते हुए इवि परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया। छात्रों का कहना है कि सात जुलाई से जब परीक्षाएं शुरू हो रही हैं तो वे इवि प्रशासन ने पढ़ाई का कार्यक्रम कैसे जारी कर दिया? बीएएलएलबी और एलएलबी के छात्रों का कहना है कि 90 दिन की पढ़ाई के बजाय 20 दिन कक्षाएं चली हैं। प्रथम सेमेस्टर का सत्र 11 महीने पीछे है। पाठ्यक्रम में 30 प्रतिशत की कटौती कर दी जाती है। वहीं, परीक्षा नियंत्रक, चीफ प्राक्टर और छात्रों के प्रतिनिधि मंडल के बीच कई चरणों की वार्ता हुई। परीक्षा नियंत्रक ने मौके पर फैसला सुनाने की मांग को ठुकरा दी। कहा कि ज्ञापन को सक्षम अधिकारी के समक्ष रखेंगे। जो फैसला होगा उससे छात्रों को अवगत कराया जाएगा। इसमें कोई समयसीमा नहीं दी जा सकती है। छात्र इससे संतुष्ट नहीं हुए।

चीफ प्राक्टर ने बताया

इलाहाबाद विश्वविद्यालय की विधि परीक्षाएं सात जुलाई से प्रस्तावित हैं। यह परीक्षाएं अपने तय शेड्यूल पर ही होंगी। इसमें कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

प्रो. हर्ष कुमार, चीफ प्राक्टर

फीस वृद्धि के खिलाफ चलेगा अभियान

प्रयागराज : छात्रसंघ भवन पर छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे अजय यादव सम्राट ने फीस वृद्धि के खिलाफ छात्रावासों में जागरूकता अभियान चलाने का ऐलान किया। इस दौरान इवि के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अवनीश यादव ने भी फीस वृद्धि वापस लेने के लिए आंदोलन की चेतावनी दी। उधर अजय यादव ने कहा कि फीस वृद्धि के विरोध में छात्रावासों में जाकर छात्रों से संवाद करेंगे।

Edited By: Ankur Tripathi