प्रयागराज, जेएनएन। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) वाराणसी के लापता छात्र शिवकुमार त्रिवेदी मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट में वाराणसी के एएसपी हाजिर हुए। उन्होंने कोर्ट को बताया कि लापता छात्र की पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है। इसके लिए कुछ समय और दिया जाए। कोर्ट ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए कहा कि अगर पुलिस छात्र को तलाश नहीं कर सकेगी तो जांच स्वतंत्र एजेंसी को सौंप दी जाएगी। 

यह आदेश न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर व न्यायमूर्ति दीपक वर्मा की खंडपीठ ने अधिवक्ता सौरभ तिवारी की पत्र जनहित याचिका पर दिया है। बीएचयू का छात्र शिवकुमार कुछ माह पहले थाना से लापता हो गया था। हाई कोर्ट के निर्देश पर पुलिस छात्र की तलाश कर रही है। एएसपी वाराणसी ने कोर्ट को छात्र की तलाश के लिए उठाये गए कदमों की विस्तार से जानकारी दी। साथ ही छात्र को तलाश करने के लिए अतिरिक्त समय देने की मांग की। कोर्ट ने समय देते हुए तलाशी में उठाये गए कदमों की जानकारी के साथ एएसपी से हलफनामा मांगा है। याचिका अब चार नवंबर को सुनवाई के लिए पेश करने का निर्देश दिया है।

बता दें कि बनारस हिंदू विश्विद्यालय में बीएससी द्वितीय वर्ष में पढ़ने वाला उनका बेटा 24 वर्षीय शिव कुमार त्रिवेदी 13 फरवरी 2020 से लापता है। आखिरी बार उसे लंका पुलिस चौकी में देखा गया था। छात्र शिवकुमार को लंका थाने की पुलिस लेकर आयी थी, फिर वह रहस्यमय तरीके से थाना से लापता हो गया। कई महीने बीतने के बावजूद उसकी तलाश नहीं हो पायी। शिव कुमार के गायब होने पर परिवारीजन ने दो-तीन दिनों तक तलाश की, लेकिन जब वह नहीं मिला तो परिवारीजन ने 16 फरवरी, 2020 को गुमशुदगी की एफआइआर दर्ज कराई थी।

शिव कुमार त्रिवेदी की गुमशुदगी दर्ज कर पुलिस ने अपनी खानापूर्ति की और पिता को लेकर कुछ जगहों पर तलाश किया और सोशल मीडिया से लेकर अखबारों में विज्ञापन भी कराया, लेकिन शिव का कहीं कुछ पता नहीं चला सका। छात्र शिवकुमार मूलरूप से बड़गरी, थाना ब्रजपुर, जिला पन्ना मध्य प्रदेश का रहने वाला है। इसको मुद्दे को लेकर बीएचयू के छात्र कई दिनों से सोशल मीडिया और परिसर में आंदोलनरत रहे।

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