प्रयागराज, जेएनएन। उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। ऐसे में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बिना मास्क लगाए किसी को घर से बाहर नहीं निकलने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि प्रदेश के हर थाने में गठित पुलिस टास्क फोर्स बिना मास्क लगाये घूमने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करे। यदि कोई मरीज घर में आइसोलेशन में है तो उसे एक्स-रे आदि चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएं। याचिका पर सुनवाई अब 28 सितंबर को होगी।

यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा व न्यायमूर्ति अजित कुमार की खंडपीठ ने क्वारंटाइन सेंटरों की दुर्दशा व अस्पतालों में इलाज की बेहतर सुविधाओं को लेकर कायम जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। सुनवाई के दौरान एडवोकेट कमिश्नर चंदन शर्मा व शुभम द्विवेदी ने रिपोर्ट पेश की।

अवैध निर्माण पर स्थिति स्पष्ट करने के दिए निर्देश : हाई कोर्ट ने सड़क के किनारे अवैध निर्माण हटाने को लेकर कार्यदायी संस्थाओं में भ्रम की स्थिति को देखते हुए अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल से स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया। कहा कि व्यावसायिक स्थलों पर प्रयोग में आ चुके मास्क को सुरक्षित निस्तारण के लिए बाल्टी रखी जाए, ताकि लोगों द्वारा फेंके गए मास्क नगर निगम इकट्ठा करके नष्ट कर सके। निस्तारण कार्य प्रतिदिन हो।

प्रयागराज में अधिक वेंडिंग जोन तैयार और आवंटित करने के दिए निर्देश : हाई कोर्ट ने प्रयागराज में टाउन वेंडिंग कमेटी को नगर निगम के साथ चर्चा करके अधिक वेंडिंग जोन तैयार करने का निर्देश दिया है। कमेटी से अनुमोदन के लिए विचाराधीन 29 वेंडिंग जोन एक सप्ताह में मंजूरी देकर उसे तीन दिन में आवंटित करने का निर्देश दिया है। इस पर एक अक्टूबर को रिपोर्ट मांगी है। कोर्ट ने कमेटी को 15 दिन में नये वेंडिंग जोन चिह्नित करके 15 अक्टूबर को रिपोर्ट पेश करने को कहा है। सिविल लाइंस में पार्किंग भवन में वाहनों को खड़ा कराने का आदेश देते हुए कहा कि लोग दुकानों तक आने-जाने के लिए ई-रिक्शा का प्रयोग करें। कोर्ट ने व्यापार मंडल व नगर निगम को इस योजना को अमल में लाने का निर्देश दिया है।

मरीजों के साथ दुर्व्यवहार का उठा मुद्दा : अधिवक्ता सुनील चौधरी ने प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल में कोरोना मरीजों के साथ डॉक्टरों का दुर्व्यवहार का मुद्दा उठाया। हाई कोर्ट ने कहा कि ऐसी शिकायतें लगातार आ रही हैं, उसमें सीएमओ की भी भूमिका के आरोप लगाए जाते हैं। इसमें कोर्ट ने अपर महाधिवक्ता से जवाब मांगा है। अधिवक्ता शाहिद काजमी ने डॉक्टरों की अपनी इच्छा से संविदा पर कोरोना मरीजों की सेवा करने का मुद्दा उठाया। कोर्ट ने उनसे ऐसे डाक्टरों की सूची मांगी है।

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