प्रयागराज,जेएनएन। कृषि कानूनों के विरोध में गुरुवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र भी लामबंद हुए। एनएसयूआई के बैनर तले निकले जुलूस में छात्रों ने कहा कि किसानों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसान समर्थन यात्रा सिर्फ किसानों के लिए नहीं है बल्कि प्रत्येक आम नागरिक की लड़ाई है। हर किसी को इसमें सहयोग करने के लिए आगे आना होगा।

कानून वापस होने तक नहीं थमने देंगे आंदोलन

एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष क्रांतिवीर, सत्यम कुशवाहा, हरिकेश हैरी, रजनीश तिवारी आदि ने कहा कि जब किसान खुशहाल नहीं होगा तो आम नागरिक खुशहाल नहीं होगा। लंबे समय से किसान तरह तरह की मुश्किलों से गुजर रहा है। अब सरकार ने नए कृषि कानून लाकर उसे और संकट में डाल दिया है। इस कानून के वापस होने तक आंदोलन को थमने नहीं दिया जाएगा। जगह जगह प्रदर्शन चलता रहेगा। यह चेतावनी है वर्तमान केंद्र और प्रदेश सरकार के लिए। जन विरोधी नीतियों को बनाने से बाज आएं नहीं तो यह स्थिति लगातार बनी रहेगी।

विश्वविद्यालय बना छावनी

छात्रों के आंदोलन को देखते हुए विश्वविद्यालय परिसर व आसपास के इलाके मे भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। इस बात का प्रयास किया गया कि आम लोगों को इस प्रदर्शन व जुलूस से कोई कठिनाई न हो। प्रदर्शनकारियों को भी हिदायत दी गई कि वे अपना विरोध जताएं लेकिन किसी को परेशानी न हो। हालाकि कोविड की गाइडलाइन के अनुसार शारीरिक दूरी जैसे नियम का पालन नहीं किया गया। तमाम लोग मास्क का भी प्रयोग नहीं कर रहे थे। इससे लेकर कुछ सिपाहियों ने रोकटोक भी की।

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