प्रयागराज, [राजकुमार श्रीवास्तव]। करीब 10 हजार ऐसे लोगों पर लगभग आठ अरब रुपये की डिमांड बनी है, जिन लोगों ने नोटबंदी के दौरान बैंकों में 10 लाख अथवा इससे ज्यादा नकद रकम जमा किया था। उनसे टैक्स वसूली के लिए आयकर विभाग ने कर निर्धारण आदेश पारित करके ऑनलाइन और मैन्युअली (दोनों) डिमांड नोटिस जारी कर दी है।

आयकर विभाग तीन हजार मामले का निस्तारण कर चुकी है

इलाहाबाद परिक्षेत्र में 31 दिसंबर तक आयकर विभाग ने लगभग तीन हजार ऐसे लोगों के मामले निस्तारित किए थे, जिन्होंने नोटबंदी के दौरान बैंकों में 10 लाख अथवा इससे ज्यादा रकम जमा की थी। इसके अलावा करीब 6700 ऐसे मामले हल किए गए थे, जिसमें पुराने प्रकरण और कंप्यूटर के जरिए चयनित मामले (कालातीत) शामिल हैं। इन सभी पर करीब 800 करोड़ (आठ अरब) रुपये का डिमांड निर्धारित कर नोटिस जारी की गई है। हालांकि, इस वित्तीय वर्ष में कुल डिमांड 1431 करोड़ रुपये का बना है। इसमें इलाहाबाद क्षेत्र का 370, वाराणसी क्षेत्र का 813 और गोरखपुर क्षेत्र का कुल 248 करोड़ है।

नोटिस के बाद अपील करने वालों को मिलेगी राहत

अफसर बताते हैं कि नोटिस जारी होने के बाद जिन लोगों ने अपील की है, उन्हें 20 फीसद व अन्य को 100 प्रतिशत टैक्स जमा करना होगा। 30 दिन में टैक्स न जमा करने पर खाता सीज करने समेत मूर्त और अमूर्त संपत्तियों की नीलामी भी की जा सकती है।

इलाहाबाद परिक्षेत्र में शामिल जिले

इलाहाबाद, कौशांबी, फतेहपुर, मीरजापुर, सोनभद्र, गाजीपुर, चंदौली, बलिया, वाराणसी, भदोही, गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, आजमगढ़, मऊ और महराजगंज।

बोलीं मुख्य आयकर आयुक्त

मुख्य आयकर आयुक्त डॉ. साधना शंकर ने कहा कि नोटबंदी के दौरान बैंकों में बड़ी रकम जमा करने वाले जिन लोगों ने रिटर्न नहीं दाखिल किया, उन्हें चिह्नित करके नोटिस जारी की जा चुकी है। इसमें से कितने लोगों ने टैक्स जमा किया है, उसका आंकड़ा अगले महीने स्पष्ट हो पाएगा।

 

Posted By: Brijesh Srivastava

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