प्रयागराज, जागरण संवाददाता। व्यापारियों की सहूलियत के लिए शासन ने तीसरी बार ब्याजमाफी योजना लागू की है लेकिन, कारोबारी इस योजना के प्रति खास दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। योजना के समाप्त हो जाने पर व्यापारियों से ब्याज और जुर्माना के साथ बकाया टैक्स वसूला जाएगा। धनराशि जमा न करने पर बैंक खाते भी विभाग से संबद्ध (अटैच) किए जाएंगे। इसमें गिरफ्तारी किए जाने के भी प्रविधान हैं।

250 करोड़ बकाया धनराशि में 1.35 करोड़ ही जमा हुए

ब्याजमाफी योजना के तहत 10 लाख रुपये की धनराशि से लेकर पांच करोड़ रुपये से ज्यादा रकम के लिए चार श्रेणियों में ब्याज माफ करने की व्यवस्था है। हालांकि, सभी श्रेणियों में जुर्माना पूरा माफ होगा। वाणिज्यकर विभाग के प्रयागराज जोन में इस योजना के दायरे में करीब 25 हजार व्यापारी हैं और लगभग 250 करोड़ रुपये की धनराशि बकाया है। इसमें से 436 कारोबारियों ने ही अब तक आवेदन किए हैं। इससे विभाग को तकरीबन 1.35 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। इस जोन में 10 लाख से एक करोड़ रुपये के बकाया वाले ज्यादा व्यापारी हैं। इनका ब्याज पूरा माफ हो जाएगा।

दो सितंबर तक लागू रहेगी योजना

इस योजना को सरकार ने पिछले साल कोरोना महामारी के पहले लागू की थी। उसके बाद से योजना को दो बार बढ़ाया गया है। तीसरी बार योजना दो सितंबर तक के लिए लागू की गई है। अफसरों का कहना है कि दो सितंबर के बाद रिकवरी के लिए हर तरह की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। बैंक खाते भी अटैच किए जाएंगे।

यह है अधिकारी का कहना

व्यापारियों के लिए सरकार ने अच्छी योजना लागू की है। इसका लाभ वह ले लें। इसमें पूरा ब्याज और जुर्माना माफ हो जाएगा। दो सितंबर के बाद ब्याज और जुर्माने के साथ बकाया जमा कराया जाएगा।

- डीएस तिवारी, एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-वन

Edited By: Ankur Tripathi