प्रयागराज, जेएनएन। जरा सी बात पर जान देने की प्रवृत्ति दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। भाई से झगड़ा हुआ तो  लड़की ने जान दे दी। पिता ने पढ़ाई के लिए फटकारा तो छात्र ने मौत गले लगा ली। पति से अनबन के बाद महिला ने जहर खाकर दुनिया को अलविदा कह दिया। यह खबरें रोज ही पढ़ने देखने और सुनने को मिलती हैं। कोई दिन ऐसा नहीं जाता जब प्रयागराज और पड़ोसी जिलों में खुदकुशी करने की खबरें न आती हों। साफ बात है कि लोगों में सहनशीलता और धैर्य खत्म होता जा रहा है। लोग मरने मारने पर उतारू रहते हैं। अगर कुछ पल ठंडे दिमाग से बैठे तो हो सकता है कि गुस्सा टलने से अनहोनी टल जाए मगर जब लोग ध्यान दें तब न।

जरा सोचिए, बैठिए और पानी पी लीजिए

मामूली बात पर यह जिंदगी मत गंवाइए। किसी बात पर नाराजगी है तो जरा धैर्य से परिवार के बारे में सोचिए, बैठ जाइए, पानी पीजिए, कुछ पल में गुस्सा शांत हो जाएगा मगर लोग इस पर ध्यान देते नहीं और घातक कदम उठा लेते हैं। गुरवार को ऐसा ही हुआ प्रतापगढ़ के नवाबगंज इलाके में। मध्य प्रदेश के भिंड जनपद के जमोहा गांव का विनोद अपने परिवार के साथ लवाना चौराहे पर किराए पर कमरा लेकर रहता है। वह ठेले पर गोलगप्पे बेचकर गुजारा कर रहा था। उसने अपने चचेरे भाई रविकांत को भी साथ लाकर काम पर लगा लिया था। बुधवार की रात रविकांत ने बैग उठाया और कहा कि वह भिंड में अपने घर जा रहा है। विनोद ने देर होने का हवाला देकर दूसरे रोज चले जाने के लिए कहा। मगर रविकांत ने बात नहीं मानी और कहासुनी कर ली। आसपास के लोगों के समझाने पर रविकांत कमरे में चला गया। देर रात एक बजे विनोद अपने कमरे से बाहर आया तो उसने रविकांत को टीन शेड में गमछे से फंदे पर लटका देखा। उसकी मौत हो चुकी थी। विनोद के शोर मचाने पर पड़ोसी जुट गए। पुलिस भी आ गई। पुलिस ने लोगों का बयान दर्ज करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

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