प्रयागराज, जेएनएन। बड़े पैमाने पर खाली पदों पर योग्य अभ्यर्थी न मिल पाने का सिलसिला जारी है। एलटी शिक्षक भर्ती में अहम विषयों के रिक्त पदों पर योग्य अभ्यर्थी न मिल पाने के बाद प्राथमिक स्कूलों के लिए शिक्षक चयन में वैसे ही हालात सामने आए हैं। 68500 सहायक अध्यापक भर्ती में तीन चरणों की नियुक्ति के बाद भी 23117 पद खाली थे। इसमें उन्हें ही नियुक्ति मिली थी, जो उत्तर प्रदेश के निवासी थे। गैर प्रांत के उन अभ्यर्थियों का चयन नहीं हो सका था, जिन्होंने लिखित परीक्षा उत्तीर्ण की थी।

भर्ती की लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले गैर प्रांत के अभ्यर्थियों ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। कोर्ट ने गैर प्रांत के अभ्यर्थियों से आवेदन लेकर नियुक्ति देने का आदेश दिया था। वहीं, पुनर्मूल्यांकन में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को भी नियुक्ति देने का कोर्ट ने आदेश दिया था। बेसिक शिक्षा परिषद ने दोनों प्रकरणों का संज्ञान लेकर शासन को प्रस्ताव भेजा। चौथे चरण में ऑनलाइन आवेदन लेने के लिए 28 नवंबर से मंगलवार शाम पांच बजे वेबसाइट चली। छह दिनों में केवल 87 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। इनमें से नौ अभ्यर्थी पुनर्मूल्यांकन में उत्तीर्ण होने वाले हैं और सिर्फ 78 अभ्यर्थी गैर प्रांत के हैं। इन गिने-चुने अभ्यर्थियों के लिए ऐसा ढोल पीटा गया, मानों सैकड़ों अभ्यर्थी गलत नियम के भेंट चढ़ गए हों।

यह जरूर है कि नौ से 11 दिसंबर तक होने वाली काउंसिलिंग में नियुक्ति पाने वाले आवेदकों की संख्या कुछ और बढ़ सकती है, क्योंकि कई अभ्यर्थियों ने पिछले चरणों में ऑनलाइन आवेदन किया था और उनका जिला आवंटन भी हुआ लेकिन, बाहरी प्रदेश के होने के कारण काउंसिलिंग में प्रतिभाग नहीं करने दिया गया। ऐसे अभ्यर्थी भी अब काउंसिलिंग आवंटित जिलों में करा सकेंगे।

छूटे अभ्यर्थियों के लिए फिर खुलेगी वेबसाइट

68500 शिक्षक भर्ती में ऐसे भी कई अभ्यर्थियों ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जो बीमारी या फिर अन्य वजहों से ऑनलाइन आवेदन नहीं कर सके या फिर काउंसिलिंग में प्रतिभाग नहीं किया। कोर्ट ने उन्हें मौका देने का आदेश दिया है। शासन ने परिषद से इस संबंध में प्रस्ताव भी मांगा है, माना जा रहा है कि छूटे अभ्यर्थियों के लिए जल्द वेबसाइट फिर खुलेगी, उसमें अधिक आवेदन होने के आसार हैं।

Posted By: Umesh Tiwari

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस