जागरण संवाददाता, इलाहाबाद : ऐसे मरीज जो रुपयों के अभाव में अपना इलाज नहीं करा पाते थे अब आयुष्मान भारत (प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना) उनकी मदद करेगा। प्रधानमंत्री ने समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों के लिए यह पहल की है। यह बातें कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने रविवार को मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में आयुष्मान भारत योजना के शुभारंभ पर कही। मंत्री ने आठ लाभार्थियों को गोल्डेन कार्ड देकर इस योजना का शुभारंभ किया।

एक तरफ जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी झारखंड में इस योजना का शुभारंभ कर रहे थे तो वहीं दूसरी तरफ मेडिकल कॉलेज के प्रीतमदास सभागार में भी शुरुआत हो रही थी। जिले के चयनित 54 प्राइवेट व सरकारी अस्पतालों में लाभार्थियों के मुफ्त इलाज की शुरुआत रविवार से हो गई। जिले में कुल दो लाख 73 हजार 574 परिवार को इसमें शामिल किया गया है।

विशिष्ट अतिथि सांसद श्यामाचरण गुप्ता ने कहा कि इस योजना की सफलता तभी होगी जब हम सब मिलकर इसमें सहयोग करें। जिला पंचायत अध्यक्ष रेखा सिंह ने कहा कि रुपयों के अभाव में अब गरीब परिवार की जान नहीं जाएगी। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने कहा कि यह योजना चिकित्सा के क्षेत्र में सबसे बड़ी योजना है, जो गरीबों के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने कहा कि योजना को पूरी ईमानदारी से सफल बनाया जाएगा।

चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक डॉ. एलएस ओझा ने योजना के बारे में विस्तार से प्रकाश डाला। संचालन डॉ. वीके मिश्र ने किया। इस मौके पर विधायक विक्रमाजीत मौर्य, आरके पटेल, सीएमओ डॉ. जीएस बाजपेई, आयुष्मान भारत के नोडल डॉ. एके तिवारी, बेली अस्पताल की प्रमुख अधीक्षक डॉ. नीति श्रीवास्तव, एसआरएन के प्रमुख अधीक्षक डॉ. एके श्रीवास्तव, एनएचएम के जिला प्रबंधक विनोद सिंह, एनयूएचएम के हिमांशु श्रीवास्तव, गौतम त्रिपाठी, वर्तिका सिंह, जियालाल यादव के अलावा आशा कार्यकर्ता व अन्य स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।

वहीं दूसरी तरफ बेली अस्पताल में भी आयुष्मान भारत का शुभारंभ सीएमएस डॉ. नीति श्रीवास्तव ने फीता काटकर किया। इस मौके पर डॉ. मनोज कुमार अखौरी, मैनेजर डॉ. शेखर सिंह, डॉ. भावना शर्मा, डॉ. अवनीश, डॉ. राधेश्याम व आकाश मौजूद रहे। इन लाभार्थियों को दिया गया कार्ड :

जिले के आठ लाभार्थियों को गोल्डेन कार्ड दिया गया। इसमें फूलपुर के जीतलाल, केवला देवी, कुमारी कल्पना, होलागढ़ के ओमप्रकाश, रसूलाबाद निवासी मीना देवी, कुमारी नगीना, तेलियरगंज निवासी कान्हा व कौड़िहार निवासी संगीता देवी शामिल हैं। कार्ड पाकर इनके चेहरे खुशी से खिल उठे। कार्ड नहीं है तो भी शुरू होगा इलाज :

यदि किसी कारणवश लाभार्थी गोल्डेन कार्ड लेकर अस्पताल नहीं पहुंच पाता है तो भी उसका इलाज बायोमीट्रिक के जरिए शुरू होगा। अस्पताल में नियुक्त आयुष्मान मित्र उसकी पूरी मदद करेगा। यदि ओपीडी या इमरजेंसी में भीड़ है तो भी लाभार्थी का इलाज प्राथमिकता पर होगा। उसे एक रुपये कहीं भी नहीं देना होगा। इन अस्पतालों में होगा फ्री इलाज :

जिला क्षयरोग अस्पताल, सरोजनी नायडू चिल्ड्रेन अस्पताल, वीरेंद्र हॉस्पिटल, आशा हॉस्पिटल, अंकुर हॉस्पिटल, द्विवेदी हॉस्पिटल, श्याम चैरिटेबल हॉस्पिटल, हॉस्पिटल अक्षयवट एंड ट्रामा सेंटर, जन सेवा चिकित्सालय, मां शारदा हॉस्पिटल, नारायन स्वरूप हॉस्पिटल, प्राची हॉस्पिटल, शाह मेमोरियल चैरिटेबल हॉस्पिटल, आनंद हॉस्पिटल, श्री सिद्धि विनायक हॉस्पिटल, विनीता हॉस्पिटल, संपा हॉस्पिटल, बीएल मेमोरियल हॉस्पिटल, तेज बहादुर सप्रू अस्पताल (बेली), सीएचसी कौड़िहार, सीएचसी जसरा, जिला महिला अस्पताल (डफरिन), मोतीलाल नेहरू मंडलीय अस्पताल (काल्विन), सीएचसी कोटवा बनी, सीएचसी सोरांव, सीएचसी हंडिया, सीएचसी फूलपुर, सीएचसी करछना, स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल, अमर ज्योति नर्सिग होम, गायत्री हॉस्पिटल, डीआरएस हॉस्पिटल, एमजीएम हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर प्रा.लि., कर्मा हेल्थ सेंटर, सरदार पटेल हॉस्पिटल, सरोज नर्सिग होम, दीक्षा हॉस्पिटल, ग्लोबल हॉस्पिटल एंड आई रिसर्च सेंटर, राज नर्सिग होम, सपना हॉस्पिटल, कृष्णा हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर, आशुतोष हॉस्पिटल एंड रिसर्च हॉस्पिटल, सुनील शिवदर्शन मनोज केयर हॉस्पिटल, श्रीसीताराम मेंटल हॉस्पिटल, जीवनदीप चैरिटेबल हॉस्पिटल व जीवनदीप चिकित्सालय।

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