प्रयागराज, जागरण संवाददाता। जमीन, फ्लैट समेत कई फर्जी कंपनी बनाकर अरबों रुपये की धोखाधड़ी करने वाली रियल एस्टेट कंपनी शाइन सिटी से जुड़े कई और अधिकारियों व कर्मचारियों पर आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) शिकंजा कसेगा। इसकी तैयारी शुरू हो गई है। ईओडब्ल्यू के अधिकारियों का कहना है कि पहले जिनके खिलाफ मुकदमा दर्ज है, उनकी गिरफ्तारी और साक्ष्य जुटाने पर जोर है। पकड़े जाने वाले आरोपितों से पूछताछ के दौरान जिनके नाम सामने आ रहे हैं, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। नैनी निवासी जसीम की भी तेजी से तलाश हो रही है।

जमीन, फ्लैट के नाम पर अरबों रुपये की ठगी का मामला

सिविल लाइंस थाने में पिछले साल सीएमडी राशिद नसीम, उसके भाई आसिफ नसीम समेत कई लोगों के खिलाफ अलग-अलग मुकदमे दर्ज हुए थे। जमीन, फ्लैट के नाम पर अरबों रुपये की ठगी करने का आरोप कंपनी पर है। उसी मुकदमें में कुछ दिन पहले एसओजी की टीम ने उतरांव के कहरा गांव निवासी मो. इजहार को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में उसने बताया था कि वह कंपनी में बतौर एडिशनल डायरेक्टर काम करता था। अपने बयान में इजहार ने जसीम का भी नाम लेते हुए कहा था कि वह भी एडिशनल डायरेक्टर था और जमीन की रजिस्ट्री करता था।

सिविल लाइंस थाने में कोर्ट के आदेश के उल्‍लंघन का दर्ज कराया था मुकदमा

इस मुकदमे की विवेचना अब आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन ईओडब्ल्यू की कानपुर इकाई कर रही है। सिविल लाइंस थाने में ईओडब्ल्यू के इंस्पेक्टर शिवकुमार ने राशिद, आसिफ व जसीम के खिलाफ कोर्ट के आदेश का उल्लंघन करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था।

सऊदी अरब से प्रत्‍यार्पण की तैयारी

आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि राशिद और आसिफ के सऊदी अरब में होने की जानकारी मिली है, जिन्हें प्रत्यार्पण के जरिए यहां लाने की तैयारी है। उसके लिए सीबीआइ की मदद ली जा रही है। जबकि जसीम के प्रयागराज और उसके आसपास के जिले में छिपने की आशंका है। उस पर जल्द ही इनाम घोषित किया जाएगा।

Edited By: Brijesh Srivastava