प्रयागराज, जेएनएन। यह है प्रयागराज के सबसे बड़े अस्पताल स्वरूपरानी नेहरू (एसआरएन) अस्‍पताल। यहां मरीज अब पहले की तरह ही आने लगे हैं। यानी मरीजों की भीड़ जुटने लगी है लेकिन उन्हें सुविधाएं पहले जैसी नहीं मिल रही हैं। अस्पताल में जरूरतमंद लोगों को स्ट्रेचर और व्हील चेयर के लिए भटकना पड़ रहा है। ऐसा नहीं है कि अस्पताल में स्ट्रेचर नहीं है, दरअसल उसका इस्तेमाल कर्मचारी दवा ढोने में कर रहे हैं। जबकि मरीजों को टूटी फूटी स्ट्रेचर मिल रही है। अक्सर इस समस्या को लेकर मरीजों के स्वजन में झगड़े भी हो रहे हैं।

जनपद में सबसे अधिक मरीज एसआरएन अस्‍पताल में होते हैं भर्ती

स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल में सबसे ज्यादा मरीज भर्ती होते हैं। यहां की ओपीडी में रोज करीब दो हजार मरीजों का आना होता है। इनमे तमाम ऐसे लोग होते हैं जिन्हें अपने साथ लाए गए साधन या एंबुलेंस से अस्पताल के अंदर जाने के लिये स्ट्रेचर की सख्त जरूरत होती है। हालांकि उन्हें गोद में या कंधे पर लादकर ले जाना पड़ता है। ऐसा इसलिए, क्योंकि स्वजनों को स्ट्रेचर या व्हील चेयर ढूंढे नहीं मिलते।

प्रशासनिक अनदेखी से व्‍यवस्‍था दयनीय

एसआरएन में यह व्यवस्था प्रशासनिक अनदेखी के चलते हो रही है। दरअसल अच्छी स्ट्रेचर का इस्तेमाल वहां के कर्मचारी स्टोर से दवाएं ढोने में कर रहे है। व्हील चेयर स्टोर में रखी गई है। प्रतापगढ़ के पट्टी तहसील से आए तीर्थराज सोमवार को अपने मरीज गोलू का सिटी स्कैन कराने के लिए जाते मिले। गोलू को जिस स्ट्रेचर पर लिटाया गया था, उसका एक पहिया टूटा हुआ था। पूछने पर बताया कि वार्ड बॉय साथ नहीं आया। अच्छी स्ट्रेचर भी नहीं मिली। एक वृद्ध मरीज के स्वजन प्रमोद पाल ने बताया कि व्हील चेयर के नाम पर 200 रुपये मांगे जा रहे हैं। अस्पताल में यह समस्या रोज की है जिससे राज्य सरकार की किरकिरी भी हो रही है।

बोले एसआरएन अस्‍पताल के वरिष्‍ठ प्रशासनिक अधिकारी

एसआरएन अस्‍पताल के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी सूर्यभान यादव ने बताया कि व्हील चेयर कम है लेकिन स्ट्रेचर पर्याप्त है। वार्ड में भी स्ट्रेचर रहती है। यदि कोई कर्मचारी स्ट्रेचर का गलत इस्तेमाल कर रहा है तो उस पर रोक लगाई जाएगी।

kumbh-mela-2021

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप