प्रयागराज, जेएनएन। प्रयागराज में मेजा खास स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय के चार सौ छात्र मंगलवार सुबह विद़यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। दोपहर तक बात नहीं बनी तो आक्रोशित छात्र, छात्राओं ने कोरांव वाया मेजा रोड मार्ग पर जाम लगा दिया। सूचना पर पहुंचे उप जिलाधिकारी एवं क्षेत्राधिकारी ने किसी तरह से छात्रों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। छात्रों का आरोप था कि सोमवार रात विदयालय में मारपीट की घटना के बाद मेजा पुलिस मौके पर पहुंची। लेकिन पुलिस मामला शांत कराने के बजाए पीडित छात्रों को ही पीट दिया। 

विदाई समारोह के बाद हुआ विवाद

मेजा खास स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय की परिसर में ही रह रहेे ईएनएफ (एक्स नवोदय फाउंडेशन) के छात्रों ने सोमवार की रात पिटाई कर दी। घटना सोमवार की रात जवाहर नवोदय विद्यालय के इंटर के छात्रों के विदाई सम्मान समारोह के बाद हुई। विदाई समारोह में  ईएनएफ (एक्स नवोदय फाउंडेशन) के छात्र भी शामिल हुए। ईएनएफ आइआइटी व पीएमटी की कोचिंग कराता है। विदाई पार्टी के दौरान खाने की व्यवस्था में कमी बताकर ईएनएफ के छात्रों ने टिप्पणी कर दी तो नवोदय के बच्चों ने विरोध जताया। इस पर उनकी पिटाई कर दी गई।

पुलिस पर भी लगाया पिटाई का आरोप

रात में मेजा एसओ राकेश चौरसिया पुलिस बल के साथ पहुंचे। पीड़ित छात्रों का आरोप है कि पुलिस ने उनकी बात सुनने के बजाय उल्टे उन्हें ही पीट दिया। इसके विरोध में नवोदय विद्यालय के करीब चार सौ छात्र-छात्राएं मंगलवार सुबह से धरने पर बैठ गए हैैं। मनाने पहुंचे सीओ और एसडीएम से धरने पर बैठे छात्र-छात्राओं ने कोई बात नहीं की। उनका कहना है कि वे सिर्फ डीएम से बात करेंगे। वह डीएम को बुलाने पर अड़े हैं।

छात्रों ने कहा, ईएनएफ सेंटर को तत्काल बंद किया जाए

 सीओ मेजा सही राम आर्य, इंसपेक्टर मेजा राकेश चौरसिया सहित एसडीएम मेजा रेनू सिंह व कई स्थानीय नेताओं ने ईएनएफ सेंटर के छात्रों, दो दोषी शिक्षकों, मारपीट करने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया तब जाकर छात्र वापस विद्यालय पहुंचे। विद्यालय पहुंचने के बाद जब ईएनएफ सेंटर के डायरेक्टर नागेंद्र सिंह ने सेंटर को बंद कराने की लिखित कार्रवाई शुरू की और सीओ मेजा ने सेंटर के दो शिक्षकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की प्रक्रिया प्रारंभ की तब जाकर छात्रों ने अपना अनशन समाप्त किया।

10 राज्यों के 190 छात्रों को ईएनएफ के तहत दी जाती है कोचिंग

जवाहर नवोदय विद्यालय मेजा खास के प्रधानाचार्य आरके राव ने बताया कि ईएनएफ सेंटर में 10 राज्यों के चुनिंदा छात्रों को लाकर विद्यालय परिसर में अलग से कोचिंग देकर मेडिकल एवं इंजीनियरिंग क्षेत्रों के लिए तैयार किया जाता है। इन्हें अलग से पढ़ाने के लिये कुछ टीचरों को सेंटर के माध्यम से लाया गया है। बीते वर्षों में इस सेंटर की सफलता के कारण जवाहर नवोदय विद्यालय को नाम और सम्मान भी मिला है। पिछले साल इस सेंटर के 50 फीसद बच्चों को मेडिकल एवं इंजीनियरिंग में सफलता मिली है। हालांकि मंगलवार को इसी सेंटर के कारण जवाहर नवोदय विद्यालय मेजा खास का नाम भी खराब हुआ।

ईएनएफ के बच्चों को अतिरिक्त सुविधा दिए जाने की भी रही नाराजगी

 आंदोलन कर रहे छात्रों का आरोप है कि ईएनएफ के बच्चों को आरओ का पानी दिया जाता है, जबकि हम लोगों को टैंकर का पानी दिया जाता है। इसके साथ ही सेंटर के बच्चों के हास्टल में एसी लगवाया गया है। जबकि हमारे हास्टल की छत जर्जर होने के कारण टपक रही है। इसी प्रकार से खान पान के मामले में भी भेदभाव करने को लेकर छात्रों ने आरोप लगाए। उप जिलाधिकारी रेनू सिंह ने इस भेदभाव को लेकर प्रधानाचार्य आरके राव से वार्ता की तो उन्होंने बताया कि बच्चों को पानी की सुविधा के लिए ऊपर के अधिकारियों को लिखा गया है। साथ ही छत की रिपेयङ्क्षरग को लेकर भी फंड के लिए अधिकारियों को पत्र प्रेषित किया गया है।

Posted By: Brijesh Srivastava

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