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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 08, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Allahabad Museum में संरक्षित हैं मशहूर रशियन चित्रकार निकोलस रोरिक की 19 पेंटिंग्स, देखने आते हैं विदेशी

By Ankur TripathiEdited By:
Published: Mon, 08 Feb 2021 03:15 PM (IST)

इलाहाबाद संग्रहालय के शोध अधिकारी डा. राजेश कुमार मिश्र बताते हैं कि रूस के निकोलस रोरिक 20वीं शदी में दुनिया ...और पढ़ें

चंद्रशेखर आजाद पार्क स्थित इलाहाबाद संग्रहालय कृतियों के संग्रह की दृष्टि से बहुत ही समृद्ध है।
चंद्रशेखर आजाद पार्क स्थित इलाहाबाद संग्रहालय कृतियों के संग्रह की दृष्टि से बहुत ही समृद्ध है।

प्रयागराज, जेएनएन। चंद्रशेखर आजाद पार्क स्थित इलाहाबाद संग्रहालय कृतियों के संग्रह की दृष्टि से बहुत ही समृद्ध है। देश के तमाम साहित्यकारों की कृतियां तो यहां मौजूद हैं ही। विश्व प्रसिद्ध चित्रकार रूस के निकोलस रोरिक की पेंटिंग्स भी यहां आने वालों को लुभाती हैं। दुनिया में रोरिक के पेंटिंग्स की कुल दस वीथिकाएं हैं जिसमें एक प्रयागराज में स्थित इलाहाबाद संग्रहालय में है, जहां मौजूद उनकी पेंटिंग्स देखने देशी-विदेशी पर्यटक आते रहते हैं।


रोरिक की दुनिया में दस वीथिकाओं में से एक प्रयागराज में

इलाहाबाद संग्रहालय के शोध अधिकारी डा. राजेश कुमार मिश्र बताते हैं कि रूस के निकोलस रोरिक 20वीं शदी में दुनिया के महानतम चित्रकारों में एक रहे हैं। उन्होंने तमाम पेंटिंग्स बनाईं हैं जिनको दुनिया भर में ख्याति मिली है। कला प्रेमियों ने खूब सराहा है। उनकी 19 मशहूर कृतियां यहां इलाहाबाद संग्रहालय की कला वीथिका में भी संरक्षित हैं। बताया कि दुनिया में रोरिक की पेंटिंग्स की 10 वीथिकाएं हैं जिसमें एक इलाहाबाद राष्ट्रीय संग्रहालय में मौजूद है।

पं. बृजमोहन व्यास के प्रयास से मिली थीं रोरिक की पेंटिंग्स
निकोलस रोरिक 20वीं शदी में पेंटिंग्स की दुनिया के बड़े नाम रहे हैं। भारत में रहने के दौरान भी उन्होंने तमाम पेंटिंग्स बनाईं। डा. मिश्र का कहना है कि वे प्रकृति प्रेमी थे। इसके चलते उनकी अधिकांश कृतियां प्रकृति पर आधारित थीं। ब्ल्यू कलर उनको काफी पसंद था जिसका प्रयोग अधिकांश पेंटिंग्स में दिखाई देता है। निकोलस रोरिक अपनी कुछ पेंटिंग्स भारतीय संग्रहालयों को देना चाहते थे। संभवत: उनकी बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से बात भी चल रही थी। इलाहाबाद संग्रहालय के संस्थापक सदस्य रहे पंडित बृजमोहन व्यास को जब यह पता चला तो उन्होंने निकोलस रोरिक से पत्रजात किया। काफी प्रयास के बाद वे इलाहाबाद संग्रहालय को अपनी 19 पेंटिंग्स देने को राजी हुए जो आज संग्रहालय की थाती हैं।

बेटे चेकोस्लाव रोरिक की पेंटिंग्स भी संग्रहालय में हैं संरक्षित
निकोलस रोरिक के बेटे चेकोस्लाव रोरिक भी चित्रकार थे। उन्होंने भी तमाम कृतियां बनाई थीं जिनमें से कुछ इलाहाबाद स्थित संग्रहालय की माडर्न आर्ट की वीथिका में संरक्षित हैं। चेकोस्लाव रोरिक ने मशहूर फिल्म अदाकारा देविका रानी से विवाह किया था और भारत में ही बस गए थे।