इलाहाबाद : एएमए (इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन) के वार्षिक वैज्ञानिक संगोष्ठी में जाने माने विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। 'पाचन तंत्र की समस्याएं, कारण व निवारण' विषय पर आयोजित संगोष्ठी में मोटापा व पाचन तंत्र जैसे प्रमुख विषयों पर विचार रखे गए। विगत वर्षो में पाचन तंत्र के क्षेत्र में आई नई विधियों एवं दवाओं के विकास को आमजन तक पहुंचाने को लेकर मंथन हुआ। कुछ विशेषज्ञों का कहना था कि अधिक मोटापे को लेप्रोस्कोपी या एंडोस्कोपी से कम किया जा सकता है।

एएमए कन्वेन्शन सेंटर के आडिटोरियम में आयोजित संगोष्ठी में मुख्य अतिथि सर गंगाराम अस्पताल नई दिल्ली के प्रो. डॉ. अरविंद कुमार ने कहा कि डब्ल्यूएचओ ने तीन प्रमुख अभियान चला रखा है, जिसमें क्लीन केयर, सेफ सर्जरी व मेडिकल विदआउट हार्म शामिल है। एक सर्जन के लिए यह आवश्यक है कि वह आपरेशन के पहले मरीज की पूरी जांच कर लें। दवा लिखते समय स्पष्ट लिखें। फोर्टिस अस्पताल गुरुग्राम के प्रो. डॉ. गौर चौधरी ने बताया कि आज के दौर में नई तकनीक के द्वारा एक ही स्थान से देश के किसी भी कोने तक ऑनलाइन परामर्श और सुझाव दे सकते हैं। आरआर अस्पताल के डॉ. एके सूद ने रक्तस्त्राव के कारणों पर चर्चा की। बीएचयू की प्रो. डॉ. अनुराधा खन्ना ने गर्भावस्था में पीलिया के उपचार पर व्याख्यान दिया। डॉ .यूसी घोषाल, डॉ. एसपी मिश्र ने भी विचार रखे। स्वागत समिति के चेयरमैन डॉ. अनिल शुक्ला ने व संचालन डॉ. तरू पांडेय, डॉ. अलका व डॉ. आशुतोष ने किया। आयोजक मंडल में डॉ. अशोक अग्रवाल, एएमए अध्यक्ष डॉ. आरकेएस चौहान, सचिव डॉ. राजेश मौर्य, डॉ. प्रबाल नियोगी, डॉ. आशुतोष आदि रहे। बेली अस्पताल की सीएमएस डॉ. नीति श्रीवास्तव, डॉ. वीके ंिसंह, डॉ. बीके मिश्र, डॉ. युगांतर पांडेय, डॉ. अनूप चौहान आदि मौजूद रहे।

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