जागरण संवाददाता, प्रयागराज : कोरोना संक्रमण की रफ्तार को थामने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी अब नागरिकों की भी है। क्योंकि वायरस का फैलाव न रुक रहा है न ही कम हो रहा। गुरुवार को 2324 नए संक्रमित मिले। यह एक दिन में नए संक्रमितों की अब तक की सबसे अधिक संख्या है। वहीं डाक्टरों की अथक मेहनत के बावजूद 12 लोगों की जान चली गई। यह स्थिति ज्यादा दुखद है। स्वास्थ्य विभाग मरीजों को स्वस्थ करने के लिए शिद्दत से जुटा है, लोगों से भी अपेक्षा की गई है कि कोविड-19 से बचने की गाइडलाइन का पालन करें।

कोरोना से बिगड़ती स्थितियों के बीच स्वास्थ्य विभाग की मेहनत का परिणाम अच्छा भी मिल रहा है। गुरुवार को 629 लोगों को स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज किया गया। इसमें कोविड अस्पतालों से 83 और होम आइसोलेशन से 546 लोग डिस्चार्ज हुए। गुरुवार को 10960 लोगों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए। ये भी हुए संक्रमित

कोरोना का वायरस इस बार रेलवे और बैंक कर्मियों पर ज्यादा अटैक कर रहा है। डिप्टी कमिश्नर भी पॉजिटिव पाए गए हैं। इनके अलावा लोनिवि के जूनियर इंजीनियर, लोकसेवा आयोग के समीक्षा अधिकारी, नॉर्थ सेंट्रल रेलवे के मुख्य विधि अधिकारी, यूपी बोर्ड के लेक्चरर, सीडीए पेंशन के सीनियर ऑडीटर, इलाहाबाद हाईकोर्ट के सात अधिवक्ता, रेलवे के इंजीनियर, बीएसएनएल के जेटीओ, रेलवे के कार्यालय अधीक्षक, विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी समेत रेलवे, एजी ऑफिस कर्मी, एनटीपीसी मेजा के डीपीएम, एसबीआइ कर्मी व डीआरएम कार्यालय के सहायक अभियंता संक्रमित हुए हैं। घबराएं न, सुविधाएं हैं पर्याप्त

मुख्य चिकित्साधिकारी डा. प्रभाकर राय का कहना है कि कोविड अस्पतालों में मरीज अधिक हैं लेकिन उन्हें ऑक्सीजन समेत अन्य सुविधाएं पूरी दी जा रही हैं। संक्रमित मरीजों को घबराना नहीं चाहिए न ही उनके स्वजन को। घबराने से स्थितियां और बिगड़ती हैं। सभी से अपेक्षा है कि कोविड-19 से बचने की गाइडलाइन का पालन जरूर करें। बच्चों और बुजुर्गो का ख्याल रखें और जरूरी काम से ही घरों से बाहर निकलें।

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