दिल्ली रैली से दूरी पर युवा कांग्रेस का बड़ा एक्शन, पश्चिमी यूपी के 7 जिलाध्यक्ष निलंबित
युवा कांग्रेस नेतृत्व ने संगठनात्मक सक्रियता और अनुशासनहीनता पर सख्त रुख अपनाया है। दिल्ली के कार्यक्रम से अनुपस्थित रहने पर ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
युवा कांग्रेस ने संगठनात्मक अनुशासन पर सख्त रुख अपनाया।
दिल्ली कार्यक्रम से अनुपस्थिति पर संजय यादव निलंबित।
पश्चिमी यूपी के सात जिलाध्यक्षों पर गिरी गाज।
जागरण संवाददाता, अलीगढ़। युवा कांग्रेस में संगठनात्मक सक्रियता और अनुशासन को लेकर नेतृत्व ने सख्त रुख अपनाया है। दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम से दूरी बनाना अलीगढ़ के युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष संजय यादव को भारी पड़ गया। भारतीय युवा कांग्रेस के नेतृत्व ने उन्हें तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक निलंबित कर दिया है। तीन नवंबर को जारी निलंबन आदेश में दिल्ली के कार्यक्रम में उनकी अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए यह कार्रवाई की गई है।
संजय यादव को अलीगढ़ में युवा कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली हुई थी। उन्हें एक वरिष्ठ नेता का करीबी भी माना जाता है। ऐसे में जिलाध्यक्ष पर हुई कार्रवाई को स्थानीय कांग्रेस और युवा कांग्रेस के संगठनात्मक समीकरणों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पश्चिमी यूपी के सात जिलों के अध्यक्षों पर गिरी गाज
संगठन को धार देने और पदाधिकारियों की जवाबदेही तय करने की दिशा में इसे नेतृत्व के सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। भारतीय युवा कांग्रेस की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि दिल्ली के कार्यक्रम में अनुपस्थित रहने वाले पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक निलंबित किया जाता है। आदेश पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभारी विशाल चौधरी और अध्यक्ष पारस शुक्ला के हस्ताक्षर हैं।
अगले आदेश तक संगठन से बाहर रहेंगे संजय यादव
इस कार्रवाई से अलीगढ़ में युवा कांग्रेस के नेतृत्व और संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। अब देखना होगा कि संजय यादव के निलंबन के बाद जिले में संगठन की जिम्मेदारी किसे सौंपी जाती है और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के लिए नेतृत्व क्या कदम उठाता है। उधर, इसी कार्रवाई के तहत कासगंज, एटा, हाथरस, पीलीभीत, हापुड़ और मैनपुरी के जिलाध्यक्षों को भी निलंबित किया गया है।