यूपी का जाबांज GRP सिपाही: पटरी पर छलांग लगाने जा रहा था युवक, 600 मीटर दौड़कर बचाई जान
पत्नी से विवाद के बाद एक स्वास्थ्य कर्मी ने अलीगढ़ जंक्शन पर आत्महत्या का प्रयास किया। जीआरपी सिपाही पुष्पेंद्र सिंह ...और पढ़ें

ये तस्वीर AI द्वारा जनरेट की गई है।
HighLights
स्वास्थ्य कर्मी ने पत्नी से विवाद के बाद आत्महत्या का प्रयास किया।
जीआरपी सिपाही पुष्पेंद्र सिंह ने 600 मीटर दौड़कर जान बचाई।
मालगाड़ी आने से ठीक पहले सिपाही ने स्वास्थ्य कर्मी को रोका।
जागरण संवाददाता, अलीगढ़। मालगाड़ी पटरी पर दौड़ रही थी और जिंदगी खत्म करने की सोच लेकर स्वास्थ्य कर्मी भी उसी दिशा में तेजी से बढ़ रहे थे। पत्नी को वीडियो काल पर आत्महत्या करने की बात कहने के बाद वह अलीगढ़ जंक्शन के पूर्वी छोर की ओर भागे।
यह बात सुन सफाई कर्मियों के सुपरवाइजर ने जीआरपी के सिपाही को सूचना दी। सिपाही ने जान की परवाह किए बिना स्वास्थ्य कर्मी को बचाने के लिए दौड़ लगा दी। करीब 600 मीटर की दौड़ के बाद सिपाही ने उन्हें पकड़कर ट्रैक पर जाने से रोक लिया।
पिसावा क्षेत्र के संबलपुर गांव निवासी मुकेश कुमार दिल्ली के एक निजी अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मी (आपरेशन थियेटर में तकनीशियन) हैं। गुरुवार को वह सिविल लाइन क्षेत्र स्थित ससुराल में थे।
पत्नी से विवाद के बाद जा रहा था सुसाइड करने
पत्नी खुशबू से दिल्ली साथ चलने के लिए कहा। उन्होंने इन्कार कर दिया। दोनों में विवाद होने पर मुकेश दिल्ली जाने के लिए रेलवे जंक्शन पहुंच गए। दोपहर करीब 1:30 बजे उन्होंने पत्नी को वीडियो कॉल कर आत्महत्या करने की बात कही। इसके बाद प्लेटफॉर्म दो से पूर्वी छोर की ओर तेजी से जाने लगे।
आत्महत्या की बात सुनकर वहां मौजूद सफाई कर्मियों के सुपरवाइजर मनोज कुमार ने जीआरपी के सिपाही पुष्पेंद्र सिंह को जानकारी दी। पुष्पेंद्र सिंह ने स्वास्थ्य कर्मी का पीछा शुरू कर दिया।
जीआरपी सिपाही ने 600 मीटर दौड़कर बचाई जान
उसी समय टूंडला की ओर से तेज गति से मालगाड़ी आ रही थी। सिपाही ने जान की परवाह किए बिना करीब 600 मीटर तक दौड़ लगाई और ओवरब्रिज से पहले मुकेश को पकड़ लिया।
उन्हें जीआरपी थाने ले जाया गया। डाक्टर ने पुलिस को बताया कि उन्होंने पत्नी को डराने के लिए आत्महत्या करने की बात कही थी। प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार द्विवेदी ने बताया कि पुलिस ने ससुराल और स्वजन को सूचना दी। उनके भाई और सास-ससुर थाने पहुंचे। पूछताछ के बाद स्वास्थ्य कर्मी को उनके भाई के सुपुर्द कर दिया गया।
