यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 14, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Two-day International Wound Care Cannes 2021 : विश्व के विशेषज्ञों ने घावों के इलाज व देखरेख पर रखे विचार
एएमयू कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने अत्याधुनिक तकनीकों और प्रौद्योगिकियों के माध्यम से देखभाल के मानकों के विस्तार और सुधार ...और पढ़ें

अलीगढ़, जागरण संवाददाता। एएमयू के जेएन मेडिकल कालेज के प्लास्टिक सर्जरी विभाग की ओर से दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय वून्ड केयर कान 2021 का आयोजन किया गया। जिसमें संयुक्त राज्य अमेरिका, सऊदी अरब, मलेशिया और बांग्लादेश समेत अन्य देशों के प्रमुख शोधकर्ताओं, चिकित्सकों और विशेषज्ञों ने घावों के इलाज एवं देख रेख से संबंधित नवाचार पर चर्चा की।
घावों की देखभाल के लिए बहु-विशिष्ट दृष्टिकोण की आवश्यकता
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए मुख्य अतिथि एएमयू कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने अत्याधुनिक तकनीकों और प्रौद्योगिकियों के माध्यम से देखभाल के मानकों के विस्तार और सुधार पर बात की। उन्होंने जोर दिया कि घावों की देखभाल के लिए बहु-विशिष्ट दृष्टिकोण की आवश्यकता होती है। कुलपति ने प्लास्टिक सर्जरी विभाग में एमसीएच पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए शिक्षकों की प्रशंसा की।
उपचार और ज्ञान के तरीके विकसित होते रहते हैं
जेएन मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल व मानद अतिथि प्रो. शाहिद ए सिद्दीकी ने कहा कि उपचार और ज्ञान के तरीके विकसित होते रहते हैं। सोसाइटी फार वून्ड केयर एंड रिसर्च (एसडब्ल्यूसीआर) के अध्यक्ष अध्यक्ष डा. सुरजीत भट्टाचार्य ने रीकंस्ट्रक्टिव सर्जरी से लेकर रीजेनेरेटिव सर्जरी पर ध्यान केंद्रित करने के बारे में विस्तार से बताया और इस क्षेत्र में और अधिक शोध करने का आह्वान किया। डा भट्टाचार्य ने प्लास्टिक सर्जरी विभाग के अध्यक्ष प्रो. इमरान अहमद को अध्यक्षीय पदक से सम्मानित किया। जो आने वाले वर्ष में एसडब्ल्यूसीआर के अध्यक्ष होंगे। राजर्श्री दशरथ मेडिकल कालेज, अयोध्या के प्राचार्य विजय कुमार ने भी विचार रखे। फैकल्टी आफ मेडिसिन के डीन प्रो. राकेश भार्गव भी कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
इन्होंने भी रखे अपने विचार
प्लास्टिक सर्जरी विभाग के अध्यक्ष प्रो. इमरान अहमद, प्रो. एएच खान, प्रो. एम यासीन व डा. सरफराज ने भी विचार रखे। डा. आदिति शर्मा, डा. गौतम चौधरी, डा. सोमनाथ कराड, डा. सुधांशु त्रिपाठी, डा. इंद्रजीत के सुधी, डा. ओम प्रकाश, डा. पवन वेंकटेश्वर, डा. रंगा किशोर और श्री गुलशन आलम ने पेपर प्रस्तुत करने के साथ लाइव व्याख्यान आयोजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। धन्यवाद ज्ञापित डा. मोहम्मद फहद खुर्रम ने किया।
