अलीगढ़, लोकेश शर्मा। नगर निगम और जल निगम की कार्यशैली पर बेवजह सवाल नहीं उठते, काम ही ऐसे होते हैं कि लोग इन निगमों को कोसे बिना नहीं रहते। सासनीगेट क्षेत्र में हाल ही में बनी एक सड़क के हालात देखकर इस महकमों की संवेदनहीनता का अंदाजा लग जाएगा। नगर निगम की जल्दबाजी और जल निगम के लापरवाह रवैये से 15 लाख की लागत से बनी ये सड़क 'पानी-पानी' हो गई। वाटर लाइन का ट्रायल किए बगैर सड़क बना दी गई। अब ट्रायल हुआ तो सड़क से पानी फूट रहा है। जगह-जगह दरारें आ गईं। लीकेज ठीक करने के लिए सड़क को उखाड़ना होगा। फिर वही स्थिति हो जाएगी, जिससे परेशान होकर स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया था।

यह है मामला

सासनीगेट क्षेत्र में पला रोड से प्रेम चौक होकर होली चौक के लिए एक रोड निकलता है। यह लिंक रोड पला रोड, भगवान नगर रोड और भदेशी रोड को जोड़ता है। 150 मीटर का यह रोड अमृत योजना के तहत वाटर लाइन डाले जाने से बदहाल हो गया था। मरम्मत कराने में जल निगम ने मात्र औपचारिकता निभाई। बारिश के चलते जगह-जगह गड्ढे हो गए। पैदल निकलना दुश्वार था। डेढ़ साल से यही हालात बने रहे। वाटर लाइन का ट्रायल तक न हुआ। इसी रोड से प्रशासनिक अधिकारी, चिकित्सा विभाग की टीमों का मलिन बस्तियों में जाना होता है। सड़क के हालात न सुधरे को जून में स्थानीय लाेगों ने रास्ता जाम कर नगर निगम के खिलाफ प्रदर्शन किया। निगम अफसरों के अलावा क्षेत्रीय पार्षदों पर भी अनदेखी के आरोप लगाए गए। प्रदर्शन की भनक लगते ही निर्माण विभाग की टीम को मौके पर भेजा गया। कुछ दिन बाद ही सड़क का निर्माण शुरु हो गया। निर्माण विभाग ने जल्दबाजी ऐसी दिखाई कि ये तक न देखा कि वाटर लाइन का ट्रायल हुआ है या नहीं। 15 लाख रुपये आरसीसी सड़क में खपा दिए गए। जल निगम के अवर और अधिशासी अभियंता भी आंखें मूंदे रहे। जबकि, सभी जानते थे कि ट्रायल में वाटर लाइन से लीकेज हुआ तो सड़क धंस सकती है, चटक सकती है। ऐसा ही हो रहा है।

घर-दुकानों पर भरा पानी

प्रेम चौक पर सड़क से फूट रहा पानी घर और दुकानों पर भर रहा है। क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि 13 नवंबर को भी यही स्थिति बनी थी। तब ट्यूबवेल बंद होने के बाद ही पानी रुका। अब पिछले तीन दिन से सड़क पर जगह-जगह से पानी निकल रहा है। प्रेम चौक के अलावा होली चौक पर ही भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। सड़क में दरारें पड़ गई हैं। इसी तरह पानी रिसता रहा तो सड़क धंस जाएगी और कोई हादसा हो सकता है।

नहीं ली एनओसी

जल निगम के अधिशासी अभियंता पंकज रंजन का कहना है कि सड़क निर्माण से पहले जल निगम से एनओसी लेनी होती है, जो नहीं ली गई। इससे ये पता चल जाता कि वाटर लाइन का ट्रायल हुआ है या नहीं। लीकेज ठीक कराने के बाद सड़क को समतल कराएंगे