अलीगढ़, जेएनएन। ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के धन का गबन करने के आरोपित दो पूर्व प्रधान आरोप मुक्त हो गए हैं। शिकायतकर्ताओं द्वारा शिकायती पत्र वापस लेने पर इनकी जान बची है। हालांकि, अभी जिले के 11 पूर्व प्रधानों के खिलाफ जांच जारी है। जल्द ही इनके खिलाफ कार्रवाई की रिपोर्ट तैयार हो सकती है। हालांकि, पूर्व प्रधान इन्हें भी खत्म करने के लिए पूरे प्रयासरत हैं। सिफारिशों का भी खूब खेल चल रहा है।

यह है मामला

जिले में कुल 887 ग्राम पंचायते हैं। 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानों का कार्यकाल खत्म हो चुका है। इससे पहले इनके खिलाफ खूब शिकायते हुई थीं। अधिकतर प्रधानों पर राजस्व में गबन करने का आरोप लगा था। ऐसे में डीएम के निर्देश पर 13 प्रधानों के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए। जिला स्तरीय कमेटी गठित हुई है, लेकिन इसके बाद ही चुनाव हो आ गया। ऐसे में चार पांच महीने ऐसे ही निकल गए। अब नए प्रधान नियुक्त हो चुके हैं। ऐसे में पुरानी जांच भी शुरू हो गई हैं। हालांकि, दो पूर्व प्रधान आरोप मुक्त हो गए हैं। एक में जांच के दौरान शिकायत निराधार मिली तो दूसरे के खिलाफ शिकायत करने वाले ने अपना पत्र वापस ले लिया। जिला पंचायत राज अधिकारी धनंजय जायसवाल ने बताया कि कुल 13 प्रधान गबन के मामले के आरोपी थे। दो के आरोप मुक्त होने के बाद शेष बचे 11 प्रधानों के खिलाफ जांच अभी जारी है। इसकी रिपोर्ट अगले सप्ताह तक आने के आसार हैं। रिपोर्ट के आधार पर ही पूर्व प्रधानों के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि विकास कार्यों में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी। नव नियुक्त प्रधानों को भी जीरो टालरेंस के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं।