अलीगढ़, जेएनएन । सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद तो खूब हुई, लेकिन इसे सुरक्षित रखने के इंतजाम नहीं किए गए। क्रय केंद्रों पर गेहूं खुले में पड़ा है। मंगलवार रात हुई बारिश में कुछ केंद्रों पर गेहूं भीग गया। बुधवार को भी इन केंद्रों से गेहूं गोदामों तक नहीं पहुंचाया जा सका। वहीं जिन किसानों को टोकन जारी हो चुके हैं, उनका गेहूं भी नहीं खरीदा जा रहा। इसे लेकर किसानों ने आपत्ति जताई है।

एक अप्रैल से शुरु हुई गेहूं की खरीद

जनपद में एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू हुई थी। इस बार शासन ने खरीद का कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं किया था। 107 क्रय केंद्रों पर 15 जून तक 1.55 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी थी। इतना गेहूं रखने के लिए एफसीआइ के गोदाम कम पड़ गए। तब तीन और गोदाम लिए गए। इसके बावजूद उठान नहीं हो पा रहा। शासन ने 22 जून तक उन किसानों से गेहूं खरीदने के आदेश जारी कर दिए, जिनके टोकन जारी हो चुके हैं। बुधवार को नए सिरे से खरीद शुरू हो गई। लेकिन, कई केंद्रों पर उठान न होने से तौल धीमी रफ्तार से हुई। इस पर किसानों ने आपत्ति कर दी। लोधा के नेहरा सहकारी क्रय केंद्र पर आए किसान अमित ने बताया कि टोकन जारी होने के बाद भी गेहूं की तौल नहीं हो सकी। गांव भरतपुर के गजेंद्र पाल ने बताया कि 25 मई को टोकन लिया, अभी तक गेहूं नहीं खरीदा गया।

पहचान वाली का ही गेहूं खरीदा जा रहा

सज्जन पाल का कहना है कि हर बार क्रय केंद्र से लौटा दिया जाता है। केंद्र पर पहचान वालाें का ही गेहूं खरीद रहे हैं। उधर, खैर मंडी में तीन सरकारी केंद्र हैं। यहां गेहूं खुले में पड़ा है। रात हुई बारिश में गेहूं के बाेरे भीग गए। पर्याप्त मात्रा में बोरे उपलब्ध नहीं हैं। किसानों ने बताया कि उनसे कहा जाता है कि क्रेंद्र पर रखे गेहूं के उठान के बाद ही तौल हाेगी। हरदुआगंज स्थित क्रय केंद्रों का भी कमोवेश यही हाल है। छर्रा नवीन मंडी में आरएफसी व सीएफसी समेत चार क्रय केंद्र हैं। यहां टिनशेड पर गेहूं रखवा दिया गया है। केंद्र प्रभारी खुशबू वार्ष्णेय ने बताया है कि अब तक करीब 25 हजार कुंतल गेंहू की खरीद की जा चुकी है। गेहूं गोदाम में नियमित भेज रहे हैं। धनीपुर मंंडी स्थित तीन क्रय केंद्रों पर तौल के बाद गेहूं टिनशेड में रखवा दिया गया है।

पूर्व सांसद ने देखे हालात

पूर्व सांसद बिजेंद्र सिंह ने बुधवार को क्रय केंद्राें का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि केंद्रों पर खुले में गेहूं पड़ा है। उठान न होने से बारिश में गेहूं बर्बाद हो रहा है। तौल न होने से किसान मायूस होकर लौट रहे हैं। गेहूं को सुरक्षित करने के इंतजाम होने चाहिए। पूर्व सांसद के साथ लोकेश चौधरी, शिवम बघेल, संजीव कुशवाह, दीपक माहौर आदि थे।

Edited By: Anil Kushwaha