अलीगढ़, जागरण संवाददाता। कड़ाके की ठंड में सियासी गर्माहट तेज है। कांग्रेस, सपा, बसपा और रालोद ने प्रत्याशियों की घोषणा शुरू कर दी है। भाजपा ने अभी शुरुआत भी नहीं की है। इससे राजनीतिक दलों की धड़कनें तेज हैं। विपक्ष जहां भाजपा के हर दांव पर निगाह लगाए हुए है, वहीं भाजपा टिकट को लेकर बहुत संभलकर कदम रख रही है। इससे जिले में सियासी हलचलें खूब हैं। भाजपा के पत्ते खोलने के बाद ही समीकरण साफ होगा।

भाजपा में टिकट को लेकर इनदिनों जबरदस्त संघर्ष चल रहा है। अधिकांश दावेदार दिल्ली में जमेे हुए हैं। वो बड़े नेताओं से अपनी पैरवी कर रहे हैं। भाजपा के साथ ही आरएसएस के भी बड़े पदाधिकारियों से मुलाकात कर रहे हैं। टिकट के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। वर्तमान जनप्रतिनिधि भी पूरे दमखम के साथ हैं। टिकट के लिए वो भी किसी तरह से कोई कमी नहीं छोडऩा चाहते हैं। हालांकि, भाजपा के बड़े नेता इस समय किसी से मिल नहीं रहे हैं। बरौली सीट को लेकर तो भाजपा में काफी घमासान मचा हुआ है। यहां दो वीरों में काफी संघर्ष चल रहा है, मगर अन्य दावेदार भी अपने आपको कम नहीं आंक रहे हैं। अब देखना होगा कि पार्टी यहां से किसे मैदान में उतारती है। वहीं, शहर, कोल को लेकर भी खूब जोरआजमाइश हो रही है। छर्रा, खैर और इगलास पर भी दावेदारों ने अपनी पूरी ताकत झोंक रखी है।

छर्रा और अतरौली सीट पर टिकी निगाहें

अलीगढ़ की महत्वपूर्ण कोल और शहर विधानसभा सीट पर सपा अपने प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। अब पार्टीजनों की निगाहें छर्रा और अतरौली सीट पर हैं। इगलास और बरौली सीट सहयोगी दल रालोद के खाते में जाती दिख रही है। छर्रा और अतरौली सीट पर भी दावेदारों की लंबी सूची है, लेकिन प्रबल दावेदारी छर्रा से पूर्व विधायक राकेश ङ्क्षसह और अतरौली से पूर्व विधायक वीरेश सिंह की है। पार्टी हाईकमान ने महानगर अध्यक्ष अब्दुल हमीद घोसी और महासचिव मनोज यादव को तलब किया है। सर्वे टीम में भी यही शामिल थे। बाकी सीटों पर जल्द ही घोषणा होगी।

कांग्रेस में तीन सीटों पर अभी मंथन

हाईकमान ने चार विधानसभा क्षेत्रों की सीटों पर संभावित प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। इनमें कोल से पूर्व विधायक विवेक बंसल, शहर से सलमान इम्तियाज, बरौली से कुंवर गौरांग देव चौहान व अतरौली से धर्मेंद्र लोधी शामिल हैं। अब छर्रा, खैर व इगलास सीट के लिए प्रत्याशियों पर मंथन हो रहा है। छर्रा सीट पर जितेंद्र बघेल, डा. शेरपाल ङ्क्षसह सविता, अखिलेश कुमार शर्मा, खैर पर रोहताश सिंह जाटव, ज्ञान ङ्क्षसह, राम गोपाल रैना, हेमंत कुमार, सपना पासवान, इगलास पर नितिन चौहान, शीलू चंदेल, कैलाश वाल्मीकि, लक्ष्मी नारायण, एमएल पापा, पूरन चंद देशमुख आदि प्रमुख दावेदार हैं। हालांकि, पहली सूची में घोषित प्रत्याशियों का विरोध होने के कारण दूसरी सूची जारी होने में कुछ विलंब हो सकता है। एक-दो दिन में गतिरोध से निपटते हुए शेष सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर दिए जाएंगे। जिलाध्यक्ष ठा. संतोष ङ्क्षसह ने बताया कि स्क्रीङ्क्षनग कमेटी अपनी रिपोर्ट हाईकमान को भेज चुकी है। जल्द ही शेष सीटों के प्रत्याशी घोषित हो जाएंगे। पार्टी जिसे भी प्रत्याशी घोषित करेगी, उसे मजबूती से चुनाव लड़ाया जाएगा।

बसपा भी मौके की तलाश में

सबसे पहले टिकट घोषित करने वाली बसपा भी इस बार टिकट को लेकर लंबा इंतजार करा रही है। बसपा ने बरौली से पं. नरेंद्र शर्मा ऊर्फ मोनू भैया व छर्रा से तिलकराज यादव को मैदान में उतारा है। जिले की शेष पांच सीटों पर अभी प्रत्याशी नहीं उतारे हैं। संभावना जताई जा रही है कि किसी अन्य दलों के लोग भी टिकट न मिलने पर बसपा में आ सकते हैं, इसलिए बसपा मौके की तलाश में है। अब देखना होगा कि शेष सीटों पर बसपा कौन सा दांव चलती है।

रालोद की दो और सीटों पर है चर्चा

सपा-रालोद गठबंधन में खैर से रालोद ने पूर्व विधायक भगवती प्रसाद सूर्यवंशी को मैदान में उतारा है। रालोद इगलास से भी जल्द प्रत्याशी घोषित कर सकती है। वहीं, बरौली विधानसभा सीट पर भी रालोद अपना दावा ठोक रही है। देखना होगा कि यह सीट किसके खाते में जाती हैं।

छर्रा में आसपा से महेंद्र ने की दावेदारी

अब नए समीकरण में आजाद समाज पार्टी (आसपा) मैदान में आ गई है। जिलाध्यक्ष प्रमोद कुमार ने बताया कि पूर्व मंत्री चौ. महेंद्र ङ्क्षसह ने छर्रा विधानसभा क्षेत्र के लिए दावेदारी की है, मगर देर रात तक इस पर फैसला नहीं हो सका है। उम्मीद है कि गठबंधन की तस्वीर शनिवार तक साफ हो जाएगी।

Edited By: Sandeep Kumar Saxena