जासं, अलीगढ़ : जहरीली शराब प्रकरण में मजबूत साक्ष्यों के दम पर आरोपितों को जमानत तक नहीं मिल पा रही है। बुधवार को जिला जज डा. बब्बू सारंग की अदालत ने केमिकल फैक्ट्री के मालिक विजेंद्र कपूर की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया। विजेंद्र दीपावली से पहले जमानत पाकर बाहर निकलने की जुगत में लगा था।

डीजीसी धीरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि 30 मई को रामघाट रोड पर तालानगरी स्थित मै. वरदान इंक एंड साल्वेंट प्राइवेट लिमिटेड के मालिक क्वार्सी क्षेत्र के विद्यानगर निवासी विजेंद्र कपूर को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। यहां से स्प्रिट केमिकल से भरे ड्रम जब्त किए थे। इनमें कई ड्रमों में एथाइल/रेक्टीफाइड स्प्रिट पाया गया था। जांच में मिथाइल की पुष्टि हुई। इसी केमिकल से शराब बनाई गई थी। इसे देखते हुए हरदुआगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके अलावा विजेंद्र के खिलाफ मडराक व अकराबाद थाने में भी मुकदमे दर्ज किए गए थे। तीनों मुकदमों में आरोपित ने जमानत के लिए अर्जी दायर की थी। डीजीसी की मजबूत पैरवी के चलते अर्जी को खारिज करा दिया गया।

दहेज हत्या में पति को 10 साल की कारावास : फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम अनुपम सिंह की अदालत ने हरदुआगंज थाना क्षेत्र में दहेज हत्या के मामले में पति को 10 साल कारावास की सजा सुनाई है। इस केस में गवाहों के मुकरने के बावजूद मजबूत पैरवी के चलते कोर्ट ने सजा सुनाई है।

एडीजीसी कुलदीप तोमर के मुताबिक, विनोद कुमार ने थाना हरदुआगंज में मुकदमा दर्ज कराया था। इसके मुताबिक, विनोद ने अपनी बेटी कविता की शादी इमिलानी निवासी हरिशचंद्र के साथ की थी। शादी के बाद अतिरिक्त दहेज में बाइक व भैंस की मांग को लेकर कविता को प्रताड़ित किया जाने लगा। कई बार समझौते भी हो गए। लेकिन, उत्पीड़न बंद नहीं हुआ। 11 मार्च 2017 को पति हरिशचंद्र ने पत्नी कविता की हत्या करके शव को फंदे पर लटका दिया। पुलिस ने हरिशचंद्र के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। कोर्ट ने सत्र परीक्षण व गवाहों के आधार पर पति को सजा सुनाई है। साथ ही तीन हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।

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