जासं, अलीगढ़ : शाहजमाल स्थित दरगाह में बुधवार को 759वें उर्स का शान के साथ समापन हो गया। उर्स चार दिन तक चला था। इस दौरान देश में अमन-चैन व कौम की सलामती की दुआएं की गईं। शाहजमाल की दरगाह शमशुल आरफीन में हर साल उर्स का आयोजन होता है। इस बार भी चार दिवसीय उर्स की शुरुआत 25 अक्टूबर को हुई थी। दरगाह कमेटी वक्फ नंबर 63 के सचिव मुईन अहमद ने बताया कि उर्स के पहले दिन मिलाद शरीफ होता है। इसमें कुरान की आयतें पढ़ी जाती हैं। दूसरे और तीसरे दिन कव्वाली का आयोजन किया जाता है। चौथे और आखिरी दिन में कुल का आयोजन किया जाता है। इसमें भी कुरान की आयतें पढ़ते हैं। दूर-दराज से लोगों ने आकर इसमें हिस्सा लिया। दुआएं मांगीं। समापन पर विशेष रूप से दरगाह के प्रमुख अब्दुल मुकीत शम्शी (सज्जादानशीं) व कोषाध्यक्ष ताहिर ख्वाजा मौजूद रहे। उन्होंने कुल पढ़कर धूमधाम के साथ उर्स का समापन कराया। उर्स की सारी व्यवस्थाएं दरगाह के संरक्षक नावेद इकबाल ने देखीं।

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