अलीगढ़, जागरण संवाददाता। बिजली कटौती उद्योग-धंधों को भी झटका दे रही है। हार्डवेयर कारोबार आधुनिकता से जुड़ गया है, मगर रामघाट कल्याण मार्ग स्थित औद्योगिक क्षेत्र तालानगरी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। भीषण गर्मी में अघोषित बिजली कटौती जारी है। रविवार को 12 घंटे बिजली कटौती हुई। विभाग ने मेंटीनेंस की घोषणा की। दो से पांच घंटे की बिजली कटौती सामान्य बात है। इससे नाइट सिफ्ट वाली फैक्ट्रियों को लाखों रुपये माह का डीजल फूंकना पड़ रहा है। इससे उद्यमी तिलमिला रहे हैं।

पूर्व मुख्‍यमंत्री कल्‍याण सिंह ने किया था विकसित

32 साल पहले पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने अपने कार्यकाल में तालानगरी को विकसित किया। इनमें दो सेक्टर व्यवसायिक व एक सेक्टर आवासीय व कुछ बड़े करीब 100 बीघा के शैक्षणिक संस्थानों को आवंटित किए गए थे। व्यवसायिक सेक्टरों में 1300 प्लाट उद्यमियों के लिए आवंटित किए गए है। इनमें से करीब 800 प्लाटों पर फैक्ट्रियों का संचालन हो रहा है। दोनों ही सेक्टरों के लिए एक ही बिजली सबस्टेशन से बिजली आपूर्ति की जा रही है। इस बिजली घर के लिए बौनेर बिजली घर से बिजली आपूर्ति की जा रही है। भीषण गर्मी में ताला नगरी विद्युत सबस्टेशन से कभी भी बिजली कट कर दी जाती है। जब उद्यमियों के एसडीओ या जेई पर हैं, तो वे फाल्ट होने का हवाला देते हैं। इससे उद्यमी परेशान हैं।

इनका कहना है

जब बौनेर बिजली घर में कोई फाल्ट होता है, या आपदा के चलते बिजली सप्लाई प्रभावित होती है, उसके बाद ताला नगरी के लिए बिजली आपूर्ति की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। पिछले दिनों आंधी- बारिश से कई कई घंटे बिजली कटौती हुई। वेकल्पिक व्यवस्था हो।

- नीरज अग्रवाल, जिलाध्यक्ष, लघु उद्योग भारती

हमारी फैक्ट्री में सातों दिन शिफ्ट में काम होता है। फाल्ट होने के नाम पर छह से सात घंटे लगातार कटौती हो रही है। टीपीएम से लाइन कट सकती है, मगर बिजली विभाग के कर्मचारी बिजली घर से शटडाउन लेते हैं।

तरुण सक्सेना, उद्यमी

दिन में तीन से चार घंटे व रात में छह घंटे तक बिजली कटौती हो रही है। रविवार को पूरे दिन बिजली नहीं आई। बताया गया कि मेंटीनेंस हो रहा है। इससे काफी नुकसान हो रहा है।

- योगेश गोस्वामी, उद्यमी

बिजली कटौती की जा रही है। इससे लाखों रुपये माह का डीजल फूंक रहा है। जब बिजली विभाग के अधिकारियों से अघोषित कटौती की बात की जाती है, तो एक ही वाहना बनता है कि मेंटीनेंस या फाल्ट हो गया है।

- यतेंद्र जैन, उद्यमी

Edited By: Anil Kushwaha