अलीगढ़, जागरण संवाददाता। Family Planning Exercise : परिवार नियोजन को लेकर सरकार की कवायद रंग ला रही है। 11 से 31 जुलाई तक चले Population Control Fortnight के आंकड़े तो यही संकेत देते हैं। करीब 1.81 लाख दंपतियों ने दो बच्चों के बीच अंतर रखने के लिए परिवार नियोजन के आधुनिक साधन अपनाए हैं। इममें महिला-पुरुष नसबंदी, महिलाओं ने post partum intrauterine contraceptive device (पीपीआइयूसीडी) व intrauterine contraceptive device (आइयूसीडी) विधि अपनाई। quarterly injection antara, छाया गोली, कंडोम जैसे गर्भनिरोधकों पर भी भरोसा जताया।

परिवार नियोजन के साधनों को अपनाने पर जोर : CMO Dr. Neeraj Tyagi ने बताया कि जनसंख्या नियंत्रण पखवाड़ा में 16 हजार 546 छाया गोली, 19 हजार 560 माला-एन गोली और 10 हजार 260 इमरजेंसी पिल्स का वितरण किया गया। एक लाख 28 हजार 748 कंडोम बांटे गए। 129 महिलाओं व 13 पुरुषों ने नसबंदी करवाई। 950 महिलाओं ने पीपीआइयूसीडी, 3,073 ने आइयूसीडी अपनाई। दो हजार 453 महिलाओं ने अंतरा इंजेक्शन का डोज लिया। परिवार नियोजन के नोडल अधिकारी डा. राहुल शर्मा ने बताया कि सभी सीएचसी व पीएचसी, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर परिवार नियोजन के साधनों को अपनाने पर जोर दिया गया।

आसान है पुरुष नसबंदी : वरिष्ठ परिवार नियोजन विशेषज्ञ महरोज तस्लीम सिद्दीकी ने बताया कि महिला नसबंदी की अपेक्षा पुरुष नसबंदी सरल है। पुरुष नसबंदी बिना टाका चीरा से की जाती है। पीपीआइयूसीडी लंबे समय तक अनचाहे गर्भ से सुरक्षा प्रदान करता है। पीपीआइसीयूडी पांच से दस साल तक काम करती है। बच्चों के जन्म में अंतर रखने के लिए यह विधि सुरक्षित है।

अंतरा इजेक्शन भी सुरक्षित : फैमिली प्लानिंग लॉजिस्टिक मैनेजर वैभव मिश्रा ने बताया कि अंतरा गर्भनिरोधक इंजेक्शन बच्चे के जन्म के छह सप्ताह बाद व गर्भपात के तुरंत बाद लगवा सकते हैं। अंतरा इंजेक्शन तीन माह के अंतराल से लगाया जाता है।

Edited By: Anil Kushwaha