अलीगढ़[जेएनएन]: ताला-हार्डवेयर व आर्ट वेयर की फैक्ट्रियों का संचालन तो पटरी पर आ रहा है, मगर उद्यमियों की मुश्किलें कम नहीं हो रहीं। रामघाट रोड तालानगरी व अनूपशहर रोड छेरत स्थित सीडीएफ औद्योगिक आस्थान में कुशल कारीगरों का संकट है। दूरदराज के गांव से आने वाले कुशल कारीगर व कामगार फैक्ट्री तक नहीं पहुंच पा रहे। जहां पहुंच भी रहे हैं, उन्हें भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। यातायात संसाधनों का अभाव है। अगर महानगर से सुबह, शाम सिटी बसों का संचालन कर दिया जाए, तो मजदूरों की यात्रा सुगम हो सकती है।

शहर के ज्यादातर क्षेत्र में हालात सामान्य

अनलॉक के लिए प्रशासन फैसला लेने लगा है। हॉट स्पॉट व कंटेनमेंट जोन को छोड़ दिया जाए तो शहर के हालात को सामान्य करने के लिए प्रशासन हर जतन कर रहा है। उद्यमियों को लेबर के संकट से निजात दिलाने के लिए यातायात के संसाधन सुलभ होना जरूरी हैं। ऑटो व ई रिक्शा बंद होने से मजदूरों को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है।

तालानगरी नहीं आ पा रहे मजदूर

औद्योगिक विकास समिति तालानगरी के अध्यक्ष नेकराम शर्मा का कहना है कि लॉकडाउन से यातायात के साधन नहीं चल रहे हैं। इसलिए मजदूर तालानगरी नहीं आ पा रहे हैं। अगर किसी मजदूर के पास बाइक व स्कूटर है तो वह पुलिस से डरते हैं। जिला प्रशासन सिटी बसों का संचालन कराए।

मेरी तालानगरी में हार्डवेयर, बाथरूम फिटिंग्स उत्पादन की फैक्ट्री है। बड़ी तादाद में सासनीगेट, महेंद्रनगर, पला रोड से कामगार जाते थे। लॉकडाउन के बाद यातायात की व्यवस्था सुगम नहीं हुई है।

रामू तोमर, हार्डवेयर निर्माता

पूरे दिन काम करने के बाद साइकिल चलाने की हिम्मत नहीं होती। पहले ई रिक्शा व ऑटो से ताला नगरी जाते थे। मालिक रोज काम पर बुला रहे हैं। जैसे- तैसे पहुंच रहे हैं। सिटी बस चलाई जाएं। यातायात संसाधनों का अभाव है। अगर महानगर से सुबह, शाम सिटी बसों का संचालन कर दिया जाए, तो मजदूरों की यात्रा सुगम हो सकती है।

ओम प्रकाश, बेगमबाग

Posted By: Sandeep Saxena

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