अलीगढ़, जागरण संवाददाता। आधुनिकता के दौर में आनलाइन माध्यम को गतिविधियों व प्रक्रियाओं को संचालित करने का कदम सरकार उठा रही हैं। आनलाइन माध्यम से प्रक्रियाओं को अमलीजामा पहनाने में फर्जीवाड़े पर भी रोक लगाने में मदद मिलती है और पारदर्शिता लाने का काम भी आसानी से किया जा सकता है। इस ओर बेसिक शिक्षा परिषद ने भी कदम बढ़ा दिया है। हालांकि आनलाइन प्रक्रिया अपनाने का खाका पहले से तैयार किया जा रहा था। मगर अब इसको जमीनी स्तर पर लागू करने के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। इसको लेकर जिलास्तर पर अफसरों ने कार्यवाही करने की पहल भी कर दी है।

ऐसे मिलता है लाभ

बेसिक शिक्षा परिषद के सरकारी स्कूलों में डीबीटी यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर और प्रेरणा पोर्टल के जरिए पारदर्शिता लाने और फर्जीवाड़े को रोकने की पहल की गई है। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को कई याेजनाओं का लाभ मुफ्त में दिया जाता है। मुफ्त यूनीफार्म, स्वेटर, स्कूल बैग, जूता-मोजा वितरण बच्चों को किया जाता है। इसमें टेंडर प्रक्रिया, क्रय आदेश, फिर वस्तुओं को खरीदना और फिर इसको वितरण करना आदि प्रक्रियाएं अपनाई जाती थीं। इसमें गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े होते थे। साथ ही सभी विद्यार्थियों को लाभ मिले या न मिले इसकी भी आशंका बनी रहती थी। कुछ स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या ज्यादा दिखाकर फर्जीवाड़ा भी किया जाता रहा है। इस पर अफसरों ने कार्रवाई भी की हैं। मगर अब इन सब खेलों पर लगाम लगाने का फैसला शासनस्तर से किया गया है। डीबीटी योजना के तहत उक्त योजनाओं के लाभ की राशि सीधे अभिभावकों के खाते में भेजी जाएगी। अभिभावक खुद इस राशि को निकालकर बच्चों को चीजें खरीदकर दे सकेंगे। जिलास्तर पर अफसरों ने अभिभावकों के आधार कार्ड जुटाने व उनको संबंधित बैंक से सीड कराने की प्रक्रिया भी शुरू करा दी है। इसके लिए सभी खंड शिक्षाधिकारियों को आदेश जारी किए गए हैं। साथ ही विद्यालय में नामांकित बच्चों का विवरण प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड करने के आदेश भी शासन की ओर से जारी किए गए हैं। इससे पात्र विद्यार्थियों को ही सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा।

बीएसए सत्येंद्र कुमार ढाका ने कहा कि डीबीटी योजना के तहत योजनाओं की राशि अभिभावकों के खाते में भेजने के आदेश जारी हो चुके हैं। खंड शिक्षाधिकारियों को ये सुनिश्चित करना है कि अभिभावकों के आधार नंबर उनके खाते से सीड कराए जाएं। विद्यार्थियों के नामांकन भी प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे।