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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 01, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Position to post : सर्दी में सता रहा जोड़ों का दर्द तो फोन पर लीजिए परामर्श

By Anil KushwahaEdited By:
Published: Wed, 01 Dec 2021 06:11 AM (IST)Updated: Wed, 01 Dec 2021 06:16 AM (IST)

र्दियों हड्डी रोगियों की समस्या बढ़ जाती है। इस कारण सुबह उठने के बाद चलने में दिक्कत होती है। बहुत ...और पढ़ें

काश शील फीजियो एवं आर्थोकेयर केंद्र के निदेशक वरिष्ठ फीजियोथेरेपिस्ट डा. केके शर्मा ।
काश शील फीजियो एवं आर्थोकेयर केंद्र के निदेशक वरिष्ठ फीजियोथेरेपिस्ट डा. केके शर्मा ।

अलीगढ़, जागरण संवाददाता।  सर्दियों हड्डी रोगियों की समस्या बढ़ जाती है। इस कारण सुबह उठने के बाद चलने में दिक्कत होती है। बहुत से लोगों में कंधे की जकड़न समस्या भी हो जाती है। इस बार बुधवार को ‘हेलो डाक्टर’ इसी विषय पर आयोजित किया जा रहा है।

स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी किसी भी समस्‍या के समाधान के लिए करें फोन

रामघाट-कल्याण मार्ग स्थित इंद्रप्रस्थ एस्टेट के प्रकाश शील फीजियो एवं आर्थोकेयर केंद्र के निदेशक वरिष्ठ फीजियोथेरेपिस्ट डा. केके शर्मा को आमंत्रित किया है। आप भी अपनी किसी समस्या को लेकर डाक्टर साहब से परामर्श ले सकते हैं। चुनिंदा सवाल-जवाब जागरण के अगले अंक में प्रकाशित भी किए जाएंगे। इसके लिए बुधवार तीसरे पहर 03 से 04 बजे तक फोन 7351124145 पर संपर्क करा सकते हैँ।

जेएन मेडिकल कालेज में जूनियर डाक्टरों की हड़ताल जारी

अलीगढ़ । जेएन मेडिकल कालेज में जूनियर डाक्टरों की ओपीडी में हड़ताल मंगलवार को चौथे दिन भी जारी रही।इससे ओपीडी में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है। अच्छी बात ये भी है कि इमरजेंसी में गंभीर मरीजों को देखा जा रहा है। यहां जूनियर डाक्टर नियमित ड्यूटी कर रहे हैं। सीनियर डाक्टर भी कमान संभाले हुए हैं। जेआर-वन की काउंसिलिंग न होने के चलते जूनियर डाक्टरों ने ओपीडी सेवा से अपने को अलग कर लिया है। इस कारण ओपीडी में मरीजों की संख्या कम हुई है। मरीज भर्ती न होने के चलते इसका असर वार्ड में भी देखा जा रहा है। वार्ड से भी बहुत से मरीजों की छुट्टी कर दी गई। इमरजेंसी में गंभीर मरीजों को देखा जा रहा है। जेएन मेडिकल कालेज के सीएमओ इंचार्ज डा. नरेश शर्मा ने बताया कि इमरजेंसी में जूनियर डाक्टरों के साथ सीनियर डाक्टर पर मरीजों को देख रहे हैं। इमरजेंसी के गेट से किसी को नहीं लौटाया जा रहा है। हर रोज 100 के करीब मरीज इमरजेंसी में देखे जा रहे हैं। 29 नवंबर को भी 107 मरीज देखे गए। सामान्य दिनों में मरीजों की संख्या 100 से 150 रहती है। मरीजों को परेशान होने की जरूरत नहीं है।