यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 25, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
किसान, मजदूर विरोधी सरकार को उखाड़ फेंकने का समय
बरला के गांव गाजीपुर में बुधवार को सपा का किसान मजदूर सम्मेलन हुआ जिसमें पूर्व सांसद बिजेंद्र सिंह व पूर्व विधायक वीरेश यादव ने भाग लिया।

अलीगढ़ : बरला के गांव गाजीपुर में बुधवार को सपा का किसान, मजदूर सम्मेलन हुआ, जिसमें पूर्व सांसद बिजेंद्र सिंह व पूर्व विधायक वीरेश यादव ने भाग लिया।
सम्मेलन में बिजेंद्र सिंह ने कहा कि देश की सबसे बड़ी ताकत जनता होती है। भाजपा सरकार जब से केंद्र व प्रदेश में आई है। तब से किसान, मजदूर ही सबसे अधिक परेशान हैं। मोदी सरकार ने तीनों किसान बिलों को वापस लेने का निर्णय ले लिया है। मगर अभी एमएसपी पर कुछ विचार नहीं किया। लखीमपुर खीरी किसान हत्याकांड कभी भुलाया नहीं जा सकता। किसान, मजदूर तो लाइन में ही लगा रखा है। एक बार नोटबंदी तो अब किसान डीएपी के लिए लाइन में लग रहा है। बिना डीएपी के ही किसानों ने अपनी बोआई की है। पुलिस बिना पैसे लिए उस फैसले को स्वीकार नहीं करती। उन्होंने कहा कि अब जनता जान चुकी है। यह किसान, मजदूर विरोधी सरकार को उखाड़ फेंकने का सही समय है। पूर्व विधायक वीरेश यादव ने कहा कि अतरौली विधानसभा में कैसा विकास हुआ है? यह सब जानते हैं। जनता ने बड़े ही उम्मीद के साथ भाजपा की सरकार बनाई। किसानों को सपना दिखाया था कि आय दोगुनी होगी। युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। आजादी के बाद यह किसानों का सबसे बड़ा आंदोलन चल रहा है। आज अन्नदाता के सामने भारी संकट है। महंगाई से जनता त्रस्त हो चुकी है। गरीबों का जीना भी इस सरकार ने दूभर कर दिया है। इस बार सपा की सरकार बनेगी। किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह ने हमेशा किसानों की लड़ाई लड़ी। उनके ही पद चिह्नों पर छोटे चौधरी जयंत चल रहे हैं। किसानों की कोई भी समस्या हो वह तत्काल उनके बीच पहुंचते हैं। पूर्व विधायक ने गांव के लोगों की समस्या पर कहा कि जीतने के बाद अतरौली गाजीपुर मार्ग बनवाया जाएगा। गांव का राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय का उद्धार किया जाएगा। सम्मेलन की अध्यक्षता भगवती सिंह व संचालन हेवेंद्र सिंह हऊआ चौधरी ने किया। इस दौरान बौबी शर्मा, भगवान सहाय शर्मा, चीनी प्रधान टीकरी, फरत चौहान, रहीस खान, कृष्ण कुमार उपाध्याय, संजय शर्मा, डाक्टर भूरी सिंह, महेश पाठक, बहादुर सिंह, मुकेश कुमार, गुड्डू चौधरी, सिंहराज सिंह, मनोज चौधरी, परम सुख, राजाराम खटीक, अशोक गिरी, शैलेंद्र सिंह आदि मौजूद थे।
