संवाद सहयोगी, हाथरस : कभी-कभी हम सवालों का जवाब आते हुए भी नहीं दे पाते हैं। ऐसा अक्सर विद्यार्थियों में आत्मविश्वास की कमी से होता है। इसलिए हमें खुद को आत्मविश्वास से परिपूर्ण करते हुए अपना सर्वागीण विकास करना चाहिए। संस्कारशाला-अच्छाई की समझ कार्यक्रम के तहत झम्मनलाल पवन स्मृति इंटर कॉलेज सिकंदराराऊ में विद्यार्थियों को सफलता की राह कहानी सुनाने के साथ उन्हें आत्मविश्वास के प्रति प्रेरित किया गया।

कार्यशाला में विद्यार्थियों ने कहानी को बड़ी गंभीरतापूर्वक सुना। विद्यालय के प्रधानाचार्य संजीव गौतम ने विद्यार्थियों को कहानी सुनने के बाद बताया कि जीवन में हर कार्य संभव है। बस हमें उस कार्य को करने के लिए लगन और इच्छा शक्ति की जरूरत होती है। विद्यार्थियों को हमेशा आत्मविश्वास से लबरेज रहना चाहिए, ताकि वे अपने सुनहरे भविष्य की लकीर खींच सकें। आने वाले कल को बेहतर करने के लिए विद्यार्थियों को गंभीरतापूर्वक अध्ययन करना चाहिए। कक्षाओं में गुरुजनों द्वारा दिए जाने वाले ज्ञान को अर्जित करने के लिए गंभीर रहना चाहिए, क्योकि ज्ञान ही ऐसा धन है कि जिसे न बांटा जा सकता है और न ही चोरी किया जा सकता है। विद्यार्थियों के बोल

जीवन में कुछ करने के लिए पहले से ही लक्ष्य बनाना होगा। यदि किसी कार्य को लक्ष्य बनाकर नहीं किया तो वह कार्य बेहतर ढंग से नहीं हो सकता।

-मेधा। संस्कारशाला की अच्छाई की समझ की जो कहानी कार्यशाला में सुनाई गई, उससे सीख मिलती है कि आत्मविश्वास को कभी डिगने न दिया जाए। वरना कार्य बेहतर ढंग से नहीं होगा।

-मुस्कान। सफलता हासिल करने के लिए हमेशा कठिन परिश्रम करना चाहिए। संस्कारशाला की कहानी ने यही सीख दी है कि जो भी कार्य करें वो लगन व मेहनत से करना चाहिए।

-फाल्गुनी। आत्मविश्वास के साथ किसी भी कार्य को किया जाए तो कोई भी मुश्किल से मुश्किल कार्य असंभव नहीं है। कहानी से हमें यही सीख मिली।

-रिया।

Posted By: Jagran

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