अलीगढ़, जेएनएन।  जिले में शहर से लेकर देहात तक इन दिनों चोरों का गिरोह सक्रिय है। जबकि मुस्तैदी का दावा करने वाली पुलिस इन चोरों के गिरोह को पकड़ नहीं पा रही है। ताबड़तोड़ चोरी की इन घटनाओं से लोगों को अब डर सताने लगा है। लगातार हो रही घटनाओं को लेकर पुलिस की सक्रियता व रात के गस्त पर भी अब सवालिया निशान लगने लगे हैं। आखिर घटनाओं को आसानी से अंजाम देकर चोरों का गिरोह कैसे साफ बच निकल जाता है ? चोरों का यह गिरोह इतना चालाक व शातिर है कि घटनास्थल के आस -पास लगे रहने वाले सीसीटीवी कैमरों की रेंज में ही नहीं आता है। जिन घरों में घटना को अंजाम देते हैं उन घरों में भी यदि कैमरा लगा होता है तो उसकी डीबीआर आदि को निकाल ले जाते हैं, ताकि उनकी करतूत यदि कैमरे की फुटेज में आ भी जाए तो वह पहचान होेने पर पकड़े न जा सकें।

बंद घरों को बनाते हैं निशाना

चोरों का यह गिरोह दिन भर ऐसे घरों की रेकी करता है जो बंद होते हैं और एकांत वाले स्थान या कालोनी में होते हैं। ऐसे घरों को रात में निशाना बनाकर कीमती माल समेटकर चलते बनते हैं।

नकदी व जेवरात पहली पसंद

चोरों के गिरोह की सबसे पहली पसंद नकदी व ज्वेलरी होती है। पिछले दो महीने में जितनी भी घटनाएं हुई हैं उनमें नकदी के अलावा ज्वेलरी को चोर चुराकर ले गए हैं।

क्वार्सी इलाका सबसे मुफीद

यूं तो चोरी की घटनाएं शहर से लेकर देहात क्षेत्र में हो रही हैं, लेकिन सर्वाधिक घटनाएं क्वार्सी क्षेत्र में हो रही हैं। इसके बाद गांधीपार्क, सासनीगेट, बन्नादेवी, देहलीगेट, महुआखेड़ा शामिल हैं। देहात क्षेत्र में हरदुआगंज, अतरौली, खैर, लोधा, इगलास, जवां, छर्रा, अकराबाद आदि शामिल हैं। जहां पिछले तीन महीनों में चोरी की घटनाएं अचानक बढ़ गई हैं। साफ है कि चोरों का गिरोह लगातार सक्रिय है और लगातार वारदातों को अंजाम देकर पुलिस को चुनौती दे रहा है।

इनका कहना है

चोरी की बढ़ती घटनाओं को लेकर सभी थानों में रात्रि गस्त को बढ़ाने के साथ ही पुलिस टीमों को सक्रिय किया गया है। ताकि चोरों के इस गिरोह को जल्द पकड़ा जा सके। कई घटनाओं में शामिल चोरों को पकड़कर उनसे चोरी का माल बरामद भी किया जा चुका है।

- कुलदीप सिंह गुनावत, एसपी सिटी

Edited By: Anil Kushwaha