बच्चों की ‘थाली’ होगी और स्वादिष्ट: रसोइयों को मिलेगा नगद पुरस्कार, MDM में लगाएं स्वाद व सेहत का तड़का
सरकारी स्कूलों में मिड डे मील को स्वादिष्ट और पौष्टिक बनाने के लिए रसोइयों के लिए पाक-कला प्रतियोगिता आयोजित की ...और पढ़ें

फाइल फोटो।
HighLights
मिड डे मील में स्वाद और पौष्टिकता बढ़ाने की पहल
रसोइयों के लिए पाक-कला प्रतियोगिता का आयोजन
उत्कृष्ट प्रदर्शन पर नकद पुरस्कार और सम्मान मिलेगा
जागरण संवाददाता, अलीगढ़। सरकारी स्कूलों में मिड डे मील की थाली सिर्फ बच्चों के पेट भरने का जरिया नहीं, बल्कि उनके बेहतर स्वास्थ्य और पोषण की बुनियाद भी है। अब इस थाली को और स्वादिष्ट, पौष्टिक और शुद्ध बनाने के लिए रसोइयों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
पाक-कला प्रतियोगिता के जरिए उनके हाथों के स्वाद, भोजन की पौष्टिकता, पकाने के तरीके और साफ-सफाई की दक्षता को न केवल परखा जाएगा, बल्कि उत्कृष्ट प्रदर्शन पर नकद पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया जाएगा।
आवेदन की प्रक्रिया 15 नवंबर तक पूरी की जाएगी। अपर मुख्य सचिव (बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा) पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
परिषदीय स्कूलों में मिड डे मील को सेहत और स्वाद से भरपूर बनाने की पहल
परिषदीय विद्यालयों में कक्षा एक से आठवीं तक के बच्चों को प्रतिदिन मेन्यू के अनुसार मिड डे मील परोसा जाता है। इस मिड डे मील को सेहत और स्वाद से भरपूर बनाने की एक और पहल ‘पाक कला प्रतियोगिता’ के माध्यम से होगी। प्रतियोगिता के लिए जिले से 30 रसोइयों का चयन होगा। बच्चों की अधिक उपस्थिति वाले विद्यालयों की रसोइयों को प्राथमिकता मिलेगी। वहीं, रसोइयां हिस्सा ले सकेंगी, जो कम से कम तीन वर्षों से इस कार्य में लगी हैं।
रसोइयां दिखाएंगी पाक-कला का हुनर, उत्कृष्ट प्रदर्शन पर नकद पुरस्कार
प्रतियोगिता कुल 55 अंकों की होगी। भोजन के स्वाद, पौष्टिक तत्वों, पकाने की विधि, स्वच्छता और सुरक्षा के लिए 10-10 अंक निर्धारित किए गए हैं। वहीं, रसोइया के व्यवहार के लिए पांच अंक मिलेंगे।
नकद पुरस्कार से बढ़ेगा रसोइयों का उत्साह
प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पाने वाली रसोइया को 3500 रुपये, द्वितीय स्थान पर रहने वाली को 2500 रुपये और तृतीय स्थान हासिल करने वाली को 1500 रुपये दिए जाएंगे। शेष 27 प्रतिभागियों को 300-300 रुपये सांत्वना पुरस्कार मिलेगा। इसके अलावा प्रत्येक प्रतिभागी को आवागमन के लिए 350 रुपये दिए जाएंगे। इसके लिए प्रत्येक जिले को 71 हजार रुपये का बजट आवंटित किया गया।
पांच तस्वीरों से होगी मिड डे मील की निगरानी
मिड डे मील की व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए निगरानी भी मजबूत की जा रही है। अब सभी परिषदीय विद्यालयों को प्रतिदिन मिड डे मील खाते हुए विद्यार्थियों की पांच तस्वीरें एप के माध्यम से भेजनी होंगी। बच्चों को पंक्तिबद्ध बैठाकर भोजन करते हुए तस्वीरें ली जाएंगी। इससे भोजन करने वाले विद्यार्थियों की संख्या और योजना के संचालन की निगरानी में मदद मिलेगी।
