यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 06, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अलीगढ़ जेल में भाइयों से मिल बहनों के छलके आंसू
1827 बहनों व आठ भाइयों ने की मुलाकात घंटों लगी रहीं कतारें।

जागरण संवाददाता, अलीगढ़ : जिला कारागार में यूं तो बंदियों व कैदियों का हर दिन चारदीवारी में ही गुजरता है। लेकिन, शनिवार को भाई दूज के पर्व पर यहां रौनक के साथ आंसू भी छलके। बहन को देखकर भाई इतने भावुक हो गए कि मानो पूरी दुनिया मिल गई हो। कोई अपनी बहन से लिपटकर रोया तो कोई उसे निहारता ही रहा। चंद मिनटों के लिए ही सही, भाई को देखकर बहनों की आंखों में भी आंसू आ गए। शनिवार को कुल 1827 बहनों ने मुलाकात की। अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनके जल्द जेल से बाहर आने और उज्जवल भविष्य की कामना भी की।
भाई दूज पर अलीगढ़ जिला कारागार में सुबह से ही बहनों का पहुंचना शुरू हो गया था। जेल प्रशासन ने पहले से ही पूरी तैयारी कर रखी थी। बिना आरटीपीसीआर रिपोर्ट के किसी को अंदर जाने की अनुमति नहीं थी। बाहर की मिठाई व अन्य खाद्य सामग्री ले जाने पर भी पूरी तरह से प्रतिबंध था। कुल 1827 बहनों ने जेल में बंद अपने भाइयों को तिलक लगाया। साथ में आठ भाई भी बहनों से मिलने पहुंचे थे। कतार में खड़े होने के दौरान ही कुछ महिलाओं के आंसू छलक उठे थे। जैसे ही भाई को अंदर जाकर निहारा तो खुद को संभाल न सकीं। लोधा के रहने वाले बुजुर्ग देशराज हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। वह अपनी बहन को देखते ही भावुक हो गए। इसी तरह हत्या में सजा काट रहे श्रावस्ती के गौरव शर्मा ने रोती हुई बहन को गले लगा लिया। भाई-बहन का प्यार देखकर जेल के अधिकारी व कर्मचारी भी भावुक हो गए। वरिष्ठ जेल अधीक्षक विपिन कुमार मिश्रा ने बताया कि त्योहार को देखते हुए पर्याप्त इंतजाम किए गए थे। कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। भाई दूज के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था नहीं रही।
