अलीगढ़ (जेएनएन)।  पूर्व केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज का अलीगढ़ से भी गहरा नाता था। वो पूर्व सांसद शीला गौतम को अपनी बड़ी बहन मानती थीं और शीला दीदी कहकर पुकारती थीं। चुनावी रैलियों में वह कई बार अलीगढ़ आ चुकी थीं। अभी तीन दिन पहले ही शीला गौतम के पुत्र राहुल गौतम ने सुषमा स्वराज का कुशलक्षेम भी लिया था।

सहज तरीके  से बात करती थीं सुषमा
राहुल गौतम से फोन पर देररात बात हुई तो वह भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि शीलाजी के निधन पर सबसे पहले सुषमा ने ट्वीट किया था।  राहुल से उन्होंने कहा था कि तबीयत कुछ ठीक होती है तो हफ्ते-दस दिन में मुलाकात करूंगी। राहुल गौतम ने बताया कि उस समय बहुत सहज तरीके से बात कर रही थीं, ऐसा नहीं लग रहा था कि दुखद समाचार की सूचना मिलेगी। शीला गौतम के निधन पर तबीयत ठीक न होने पर उन्होंने अपनी बेटी बांसुरी को शोक संवेदना प्रगट करने के लिए भेजा था। राहुल गौतम ने बताया कि वह नानाजी के जन्मदिवस पर पांच अगस्त को दो बार कार्यक्रम में शामिल होने अलीगढ़ आई थीं। साथ में अरुण जेटली भी थे। वर्ष 2010 में वह रामघाट रोड स्थित अवंतिका फेस वन स्थित आवास पर भी आई थीं। घर पर एक रात रुकी थीं।

प्रखर वक्ता खीं
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष ज्ञानचंद्र वाष्र्णेय ने कहा कि सुषमा स्वराज प्रखर वक्ता थीं। अक्सर वह व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व सांसद पंडित श्याम विहारी मिश्रा के बुलावे पर आती थीं।

भर जाता था उत्साह

भाजपा महानगर अध्यक्ष डॉ. विवेक सारस्वत ने कहा कि सुषमा स्वराज का भाषण सुनते ही उत्साहित हो जाया करते थे। उनके निधन से बहुत अधिक व्यथित हूं। भाजपा कासगंज प्रभारी डॉ. राजीव अग्रवाल ने कहा कि अलीगढ़ में चुनाव में कई बार वो आ चुकी हैं। उनका सौम्य स्वभाव सभी को प्रभावित करता था। स्वर्णजयंती नगर के डॉ. राजेश शर्मा ने कहा कि हमने तेजस्विनी और ओजस्विनी प्रेरणा शक्ति को खो  दिया।

कुसुमलता ने किडनी देने की थी पेशकश 
सुषमा स्वराज को जीटी रोड स्थित त्रिमूर्ति नगर निवासी कुसुमलता सिंह (65) ने अपनी किडनी देने की पेशकश की थी। सुषमा की प्रशंसक कुसुमलता ने पति और बेटे को भी इसके लिए सहमत कर लिया था। कुसुमलता ने कहा कि सुषमा स्वराज का देश की राजनीति में बड़ा योगदान है। राजनीति में मैंने ऐसा सौम्य व प्रखर वक्ता नहीं देखा।

अलीगढ़ के इंजीनियर को भारत लाने में की थी मदद
2018 में सऊदी अरब के मक्का में फंसे अमीर निशा निवासी इंजीनियर सरवर अंसारी को सकुशल भारत लाने में पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की अहम भूमिका रही थी। इंडियन हेल्प डेस्क संचालित करने वाले दुबई में रह रहे आइटीआइ रोड निवासी रूपेश पाठक ने इंजीनियर के फंसने का मामला उठाया था। उन्होंने विदेश मंत्रालय से मदद मांगी थी ,जिसमें पूर्व विदेश मंत्री ने मदद की थी।

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Posted By: Sandeep Saxena

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