अलीगढ़, [जेएनएन]। कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए जिला मजिस्ट्रेट चंद्र भूषण सिंह ने निगरानी समितियों की जिम्मेदारियों को तय किया है। उन्होंने कहा कि निगरानी समितियां अपने-अपने क्षेत्रों में वास्तविक ढ़ंग से कार्य करते हुए संक्रमित व्यक्तियों को चिन्हित करें। उनकी मदद से कोरोना की चैन को तोड़ने में कामयाबी मिल सकती है। डीएम ने सोमवार को आयोजित बैठक में निगरानी समिति को कोरोना की वैक्सीन बनने व संक्रमण समाप्त होने तक डोर-टू-डोर सर्वे करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी होगी कि वह तत्काल चिन्हित व्यक्ति का नमूना परीक्षण के लिये भेजे। इसके लिये उन्होंने सभी एसडीएम को दो दिन का समय निर्धारित किया है।

अधिकारियों की टीम गठित

डीएम ने कोरोना संक्रमितों की संख्या में वृद्धि को गंभीरता से लेते हुए सभी मजिस्ट्रेट के साथ आवश्यक बिन्दुआें पर चर्चा की। उन्होंने एक बार फिर निगरानी समितियों एवं डोर-टू-डोर सर्वेक्षण कार्य पर भरोसा जताते हुए निगरानी समितियों को संस्थागत रूप देते हुए दायित्वों का निर्धारण किया। उन्होंने 07 अधिकारियों की टीम गठित करते हुए सभी उपजिलाधिकारियों का निर्देशित किया कि इसी तरह अपनी-अपनी तहसीलों, ब्लॉक एवं न्याय पंचायत स्तर पर समितियों का गठन कर निगरानी समितियों के माध्यम से धरातल पर प्रभावी कार्य कराएं। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र के लिये जनपद स्तर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन की अध्यक्षता में स्वास्थ्य, पंचायतीराज, बेसिक शिक्षा, आपूर्ति, कार्यक्रम और पुलिस विभाग की टीम गठित करते हुए एसडीएम को निर्देशित किया कि वह ग्राम स्तर पर ग्राम प्रधान, लेखपाल, प्रधानाध्यापक, आशाएं, आंगनबाड़ी कार्यकत्री, चौकीदार एवं सफाई कार्मिक की एक संयुक्त टीम बनाकर गांव में पल्स आक्सोमीटर एवं थर्मोस्कैनर की मदद से घर-घर जाकर संक्रमित व्यक्तियाें को चिन्हित करेंगे और यह कार्य वैक्सीन बनने अथवा संक्रमण समाप्त होने तक लगातार जारी रहेगा। इसी प्रकार से शहरी क्षेत्र में एडीएम सिटी, एसपी सिटी, स्वास्थ्य विभाग, सहायक नगर आयुक्त एवं पीओ डूडा की देख रेख में वार्ड स्तर पर घर-घर जाकर निगरानी समितियों के माध्यम से सर्वे कार्य कराया जाएगा।

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