मदन मोहन शर्मा, हाथरस : अब हाथरस में शीघ्र ही पेयजल किल्लत दूर होगी। यहां के लोगों को पेयजल के लिए तरसना नहीं पड़ेगा। हाथरस पुनर्गठन पेयजल योजना (अमृत) की चौथी जोन को भी प्रदेश स्तरीय तकनीकी समिति ने मंजूरी दे दी है। 2618.79 लाख रुपये की इस योजना में 59.75 किमी लाइन, 6.65 किमी राइ¨जगमेन, 750 किलोलीटर का एक भूमिगत जलाशय, सात नलकूप, सात पं¨पग स्टेशन, 2500 किलोलीटर की टंकी के अलावा 24968 घरेलू संयोजन दिए जाएंगे। जल्द ही इसे हाई लेवल कमेटी की भी स्वीकृति मिल जाएगी। फिर टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे। फिलहाल इस योजना में जोन प्रथम में तेजी से कार्य चल रहे हैं। जोन पंचम के लिए ई-टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जिसमें जल्द कार्य शुरू हो जाने की उम्मीद है।

अमृत से पूरे नगर में पेयजल व्यवस्था सुधाने का प्रयास

नगर हाथरस की पेयजल आपूíत व्यवस्था काफी पुरानी है। इसमें नगर से सटी तमाम अविकसित कॉलोनियों में पेयजल की किल्लत बनी हुई है। इसे देखते हुए केंद्र सरकार की पहल पर घर घर पेयजल पहुंचाने की अमृत योजना स्वीकृत हुई है। इसके लिए जल निगम को कार्यदायी एजेंसी नामित किया गया है। जल निगम ने नगर क्षेत्र को पांच जोन में बांटकर पेजयल से आच्छादित करने का निर्णय लिया है। इसकी सभी जोन के प्राकलन तैयार कर शासन को भेज दिए गए हैं। जोन प्रथम व जोन पंचम के लिए धन आवंटित हो चुका है। जोन चार स्टेट लेवल पर स्वीकृत हो चुकी है।

जोन प्रथम से तेजी से चल रहे हैं कार्य

1307.49 लाख रुपये की लागत से जोन प्रथम में 23 मार्च से कार्य शुरू हो गए हैं। यह कार्य एक वर्ष में पूरा किया जाना है। इसमें भूमिगत जलाशय 600 किलो लीटर का 80 फीसद कार्य पूरा हो चुका है। भूमिगत जलाशय 400 किलोलीटर का 50 फीसद कार्य पूरा हो चुका है। 12 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाई जा चुकी हैं। चार नलकूपों की बो¨रग कराई जा चुकी है, चार शेष हैं।

जोन पंचम में जल्द शुरू होंगे कार्य

अमृत पेयजल योजना पंचम 1295.70 लाख रुपये की स्वीकृत हुई है। इसकी टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जल्द कार्य शुरू होने की उम्मीद है। इसमें 51.20 किलोमीटर पाइप लाइन, 3.60 किलोमीटर राइ¨जग मेन, 250 किलोलीटर का एक भूमिगत जलाशय, चार नलकूप, चार पंप हाउस, 600 किलोलीटर की एक टंकी के साथ 2443 गृह संयोजन दिए जाएंगे।

हाई लेबल कमेटी की स्वीकृति का इंतजार

जल निगम के अधिशासी अभियंता ई.आरके शर्मा का कहना है कि अमृत पेयजल योजना का कार्य तेजी से चल रहा है। पांचवीं जोन का काम जल्द शुरू हो जाएगा। चतुर्थ जोन के लिए हाई लेबल कमेटी की स्वीकृति का इंतजार है। सभी कार्य तय समय में पूरे किए जाएंगे। इसकी निरंतर मॉनिट¨रग की जा रही है, ताकि गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।

Posted By: Jagran