अलीगढ़, जागरण  संवाददाता। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों, गर्भवती महिलाओं और किशोरियों को आवंटित होने वाले ड्राई राशन में भ्रष्टाचार के मामले में जांच बैठ गई है। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने सभी ब्लाकों के लिए इसका आदेश जारी कर दिया है। इसमें सभी से वितरण की रिपोर्ट मांगी गई है। कुछ केंद्रों के भौतिक सत्यापन के भी निर्दश दिए हैं। ऐसे में जांच रिपोर्ट अाने पर आगे की कार्रवाई होगी।

यह हैं आंगनबाड़ी के हालात

जिले में कुल 3039 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। पिछले दिनों तक इन केंद्रों पर नौनिहाल, गर्भवती महिलाएं व अतिकुपोषित बच्चों को पंजीरी व पुष्टाहार दलिया का लाभ मिलता था, लेकिन पिछले साल से शासन स्तर से आंगनबाड़ी केंद्रों पर ड्राई राशन का वितरण शुरू कर दिया गया। इसमें लाभार्थियों को गेहूं, चावल, चना के साथ तेल भी दिया जाता है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के समूह की महिलाएं राशन की दुकानों से यह राशन लेकर आंनगबाड़ी कार्यकर्ता तक पहुंचाती हैं। वहां से वह लाभार्थियों को वितरण करती हैं। जिले में तीन लाख के करीब इन केंद्रों पर लाभार्थी पंजीकृत हैं।

वितरण में लापरवाही

आंगनबाड़ी केंद्रों पर ड्राई राशन के वितरण में जमकर अनियमितताएं हो रही हैं। अधिकांश केंद्रों पर आधे अधूरे लाभार्थियों को ही लाभ मिल पा रहा है। तमाम केंद्रों पर तो तीन-तीन महीने में एक बार ही वितरण हो रहा है। इसमें भी महिलाओं को लाभ देकर टरका दिया जाता है तो कभी नौनिहालों को। विभागीय अफसरों की मिलीभगत से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता यह खेल रही हैं। इसी के चलते शिकायतों को भी अफसर रद्दी के टोकरे में डाल देते हैं। दैनिक जागरण ने पिछले दिनों इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। ऐसे में डीपीओ श्रेयस कुमार ने इस खबर को संज्ञान लेते हुए सभी ब्लाकों को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने सभी सीडीपीओ से वितरण के संबंधित में पूरी रिपेार्ट मांगी है। महीने वार वितरण की रिपोर्ट तलब की गई है। वहीं, वह खुद भी जल्द एक दो केंद्रों की रिपोर्ट तलब कर सकते हैं। इसके बाद आगे की कार्रवाई हागी। डीपीओ ने बताया कि यह गंभीर मामला है। इसकी जिले भर में जांच कराई जा रही है।

Edited By: Sandeep Kumar Saxena