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कीमतों में गिरावट से चांदी बाजार में रौनक: गोल्ड व एंटिक पॉलिश मूर्तियां, चांदी राम दरबार बने आकर्षण

Published: Sun, 18 Oct 2026 11:02 AM (IST)

अलीगढ़ के बाजारों में नवरात्र, दीपावली और सहालग की खरीदारी से रौनक बढ़ गई है, जहां गोल्ड व एंटिक पॉलिश ...और पढ़ें

रामघाट रोड स्थित शोरूम पर चांदी की मूर्ति व बर्तन पसंद करते हुए रामबाग निवासी डा. तनु सिंह व सुनीता सिंह। जागरण

रामघाट रोड स्थित शोरूम पर चांदी की मूर्ति व बर्तन पसंद करते हुए रामबाग निवासी डा. तनु सिंह व सुनीता सिंह। जागरण

HighLights

  1. नवरात्र, दीपावली, सहालग से अलीगढ़ बाजार में खरीदारी की रौनक

  2. गोल्ड व एंटिक पॉलिश मूर्तियां, चांदी राम दरबार बने आकर्षण

  3. चांदी की कीमतों में गिरावट के बावजूद, मांग में उछाल

जागरण संवाददाता, अलीगढ़। नवरात्र, दीपावली व सहालग की खरीदारी से बाजार चमकने लगे हैं। मां लक्ष्मी व भगवान गणेश के परंम भक्त पूजन की तैयारियों में जुट गए है। इस बार गोल्ड व एंटिक पॉलिश (भगवान की मूर्ति पर नक्कासी व रंगों से मुकुट,आभूष व पोशाक की डिजाइन) देवी-देवताओं की मूर्तियां ग्राहकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी है। हैंगिंग फ्रेम में तैयार यह मूर्तियां ड्राइंग रूम की शोभा बढ़ाएंगी।

चांदी का राम दरबार विशेष डिजाइन में उपलब्ध हैं। भगवान के भोग के लिए पांच बर्तन का सैट भी मिल रहे हैं। शगुन व उपहार में दिए जाने वाले फैंसी व पारंपरिक सिक्कों की बड़ी रेंज उलब्ध है। ग्राहकों की आमद से बाजार में चांदी की चमक से ज्वैलर्स के चेहरे दमकने लगे हैं।

बर्तन व होलो व साेलेट मूर्तियां बनी आकर्षण का केंद्र

सराफा और चांदी के बर्तन बाजारों में त्योहारों और शादियों के सीजन के चलते चांदी की चमक बेहद बढ़ गई है, जहां विशेष रूप से होलो (खोखली) और सोलेट यानी सालिड (ठोस) चांदी की मूर्तियों व बर्तनों की मांग में भारी उछाल आया है। ग्राहक अपनी पसंद और बजट के अनुसार दोनों ही तरह की कलाकृतियों को खूब पसंद कर रहे हैं।

सिक्कों की बड़ी रेंज, रामदरबार व गाय की मांग

शास्त्रों और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार घर में ठोस चांदी रखना बेहद शुभ माना जाता है, इसलिए संपन्न ग्राहक शुद्ध ठोस लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां,चांदी के कलश और दीये खरीदना पसंद कर रहे हैं। होलो (खोखली) मूर्तियां व बर्तन ग्राहक के बजट बजट को संतुलित बनाएगा। ग्राहकों के लिए होलो तकनीक से बने आइटम बेस्ट विकल्प साबित हो रहे हैं। ये बाहर से दिखने में भारी और बेहद खूबसूरत लगते हैं, लेकिन अंदर से खोखले होने के कारण हल्के और किफायती होते हैं।

चांदी की मूर्ति सात हजार रुपये से एक लाख रुपये तक उपलब्ध हैं। पांच बर्तनों का सेट 40 हजार रुपये से डेढ़ लाख रुपये तक बाजार में मिल रहा है। विद्या नगर निवासी गल्ला आढ़ती सोनू-मोनू लक्ष्मी पूजन के लिए मूर्तियां खरदने शोरूम पहुंचे। उन्होंने खाटू श्याम की मूर्ति पसंद की।

इन उत्पादों की है सबसे ज्यादा मांग

दीपावली,धनतेरस और अन्य शुभ अवसरों के लिए लक्ष्मी,गणेश,राम दरबार, राधा-रानी, योगीराज श्रीकृष्ण, मां सरस्वती, खाटू श्याम और शिवजी की मूर्तियों की सबसे ज्यादा मांग है। चांदी के नक्काशीदार कलश,पूजा की थाली, सिंहासन,आचमनी,कटोरी, और चांदी के दीपक की मांग लगातार बढ़ रही है। फैंसी एंटीक बाउल,चांदी के सिक्के, और नक्काशीदार ड्राई फ्रूट बाक्स, जैसी चीजें उपहार देने के लिए ट्रेंड में हैं।

चांदी की चमक हुई कम, भाव 2.11 प्रतिकिलो भाव

चांदी की कीमतों में भारी गिरावट से सराफा बाजार में हलचल बढ़ गई है। अप्रैल में यह करीब चार लाख रुपये प्रतिकिलो के उच्चतम स्तर तक पहुंचने वाली चांदी फिसलकर 2.11 लाख रुपये के आसपास आ गई है। हालिया गिरावट के दौरान मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर भाव 2.08 लाख रुपये प्रतिकिलो तक पहुंच गए थे। इस तरह चांदी अपने उच्चतम स्तर से करीब 48 प्रतिशत तक नीचे आ चुकी है। कीमतों में आए बदलाव के बाद सराफा कारोबारियों और ग्राहकों की नजर बाजार के अगले रुख पर टिकी है।

चांदी की गिरावट के पीछे का ये है कारण

चांदी की कीमतों गिरावट के पीछे अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चतता को प्रमुख वजह माना जा रहा है। चांदी के भाव 22 दिसंबर 2025 को दो लाख 11 हजार रुपये किलो था। दिसंबर में कीमतें बढ़ने लगी थी और अप्रैल में भाव चार लाख रुपये प्रतिकिलो पहुंच गए थे। लगातार चढ़ी कीमतों के चलते हाजिर बाजार में चांदी देने से सराफा कारोबारी इन्कार करने लगे थे।

चांदी के सिक्कों की रेंज: सिक्का का वजन, कीमत

  • 10 ग्राम, 2300
  • 20 ग्राम,4600
  • 50 ग्राम, 11500
  • 100 ग्राम, 23000
  • विक्टोरिया सिक्का 10 ग्राम, 2700
  • नोट : अनुमानित कीमत रुपये प्रति सिक्का।

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करवा चौथ, धनतेरस व दीपावली के लिए खरीदारी प्रारंभ हो गई है। बर्तन,मूर्तियां व अन्य पूजन के उत्पाद हर बजट में यह उपलब्ध है।

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अनुभव अग्रवाल, शोरूम मालिक, समद रोड

नवरात्र से बाजार ने गति पकड़ ली है। अब त्योहारी पर चांदी की मूर्तियां व सिक्के खरीदने ग्राहक आ रहे है। नक्कासी में बर्तन पहली बार आए हैं।

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धनंजय वार्ष्णेय, शोरूम मालिक, फूल चौक