अलीगढ़, जेएनएन ।  जुलाई के 17 दिन बीत चुके हैं, लेकिन मानसून सक्रिय नहीं हो सका। आसमान में बादल घिर तो आते हैं मगर बरसते नहीं। रविवार को भोर होते ही बादल घिर आए, हल्की बूंदाबांदी भी हुई। लगा कि झमाझम बारिश होगा, पर ऐसा हुआ नहीं। हवा चलने से राहत जरूर मिली। सूरज भी आठ बजे तक बादलों में छिपा रहा। घर के अंदर राहत नहीं थी, उमस के चलते लोग परेशान थे। लेकिन, खुले में सुकून मिल रहा था। मार्निंग वाक के लिए निकले लोग पार्कों में बैठे नजर आएए। बालकानी, छतों पर भी लोग टहल रहे थे।

बीते दो दिनों से बादलों की आवाजाही

पिछले दो दिन से आसमान में घिरे बादल लोगों का मन तरसा कर गायब हो जाते हैं। उमस भरी गर्मी से लोग परेशान और बारिश की आस लगाए हुए हैं। कुछ दिन पहले हुई रिमझिम बारिश ने काफी राहत दी थी, इसके बाद बारिश नहीं हुई। दोपहर के वक्त चटक धूप पसीने से तरबतर कर देती है। घर में उसम ने परेशान कर रखा है। पूरा दिन पंखे के आगे पसीना पौंछते बीत रहा है। सुबह के वक्त तापमान में कम रहता है, लेकिन दिन चढ़ते ही 38 से 40 तक पहुंच जाता है। मौसम के इस तल्ख मिजाज से किसान भी परेशान हैं। खेतों में धान की पौध खड़ी है, पर्याप्त पानी नहीं मिला तो पौध मारी जाएगी। बारिश न होने से किसान नलकूपों पर निर्भर हैं। जरूरत के मुताबिक बिजली न मिलने से नलकूप भी नहीं चल पाते। नहर, रजबहों में भी पानी नहीं है। ऐसे में किसानों के सामने समस्या खड़ी हो रही है। भरपूर बारिश न हुई तो किसानों को खासा नुकसान होगा। रविवार को सुबह का अधिकतम तापमान 30 और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस पर दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञ बारिश की संभावना जता रहे हैं।

Edited By: Anil Kushwaha