जेएनएन, अलीगढ़ : यूपी बोर्ड की ओर से परीक्षा केंद्र बनाने को जारी की गई 152 कॉलेजों की सूची सोमवार को डीआइओएस दफ्तर पर चस्पा की गई। सुबह से ही प्रधानाचार्यों व प्रबंधकों की टोलियां दफ्तर के बाहर दस्तक देने लगीं। इसके पहले बोर्ड ने जिले के 71 डिबार किए गए कॉलेजों की सूची भी जारी कर दी थी। इसलिए सोमवार को अपने कॉलेज को परीक्षा केंद्र की दौड़ में शामिल कराने को प्रबंधकों ने डीआइओएस दफ्तर पर दस्तक दी।

ऑनलाइन है सूची

14 नवंबर तक प्रस्तावित सूची में शामिल कॉलेजों पर आपत्तियां मांगी गई हैं। कॉलेजों का निरीक्षण भी किया जा रहा है। विभागीय सूत्रों की मानें तो इन चार दिनों में तमाम प्रबंधक व प्रधानाचार्य अपने कॉलेज को केंद्र बनाने की सिफारिश करेंगे। सूची तो सबके मोबाइल पर व ऑनलाइन है, उसको देखने आने का तो बहाना है। कई ने अपने आपसी मतभेदों के चलते सूची में शामिल कॉलेजों पर सवाल भी खड़े किए। हालांकि, डीआइओएस डॉ. धर्मेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि उनके पास कोई भी प्रबंधक या प्रधानाचार्य केंद्र संबंधी चर्चा करने न आएं। 

सूची डीएम के पास, एसडीएम करेंगे निरीक्षण

डीआइओएस ने बताया कि 152 कॉलेजों की प्रस्तावित सूची सोमवार को डीएम कार्यालय में भिजवाई गई है। डीएम ने एसडीएम को निर्देशित किया है कि वे कॉलेजों का निरीक्षण कर आख्या भेजें, जिन कॉलेजों में कमी होगी उनको सूची से बाहर भी किया जाएगा। जरूरत के हिसाब से कुछ नाम जोडऩे हुए तो जोड़े भी जाएंगे। मगर आपत्तियों व निरीक्षण के बाद ही ये प्रक्रियाएं होंगी। 

कमजोर बच्चों के लिए पहली  बार लगेंगी अतिरिक्त कक्षाएं

 कक्षा एक से आठ तक के सरकारी स्कूलों में पहली बार विद्यार्थियों के लिए रेमेडियल क्लासेज (उपचारात्मक कक्षाएं) लगाई जाएंगी।  किसी विषय में कमजोर छात्र-छात्राओं को दो घंटे की अतिरिक्त कक्षाएं चलाकर शिक्षित किया जाएगा। विद्यार्थियों को सीखने की धारा से जोडऩे के लिए ये कदम उठाया जा रहा है। रेमेडियल क्लासेज व फाउंडेशन लर्निंग सामग्री विकसित की जा रही है। ये कक्षाएं स्कूल खत्म होने या दोपहर के भोजन अवकाश के बाद चलाई जाएंगी।बीएसए डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय ने बताया कि इसमें भाषा व गणित में कमजोर कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों की तैयारी कराई जाएगी। लर्निंग आउटकम परीक्षा का परिणाम 25 नवंबर तक शासन की वेबसाइट पर अपलोड हो जाएगा। इसे कोई भी देख सकता है। बेसिक स्तर से ही विद्यार्थियों के शैक्षिक ज्ञान को मजबूत करने के लिए ये कदम उठाया गया है। लर्निंग आउटकम के परिणाम के बाद नवंबर में ही इसे जिले में लागू किया जाएगा। इसके लिए शिक्षकों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।

Posted By: Sandeep Saxena

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