अलीगढ़ (जेएनएन)। हाथरस के  कस्बा सादाबाद में बुधवार की रात बड़ा हादसा हुआ। आगरा रोड पर खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली से रोडवेज बस भिड़ गई। हादसे में सिपाही सहित छह लोगों की मौत हुई है। इनमें से तीन की पहचान हो गई है। एक मृतक फर्रुखाबाद का है। एक ने तो गुरुवार की सुबह इलाज के दौरान दम तोड़ा। दो सादाबाद के हैं। दो की पहचान नहीं हो सकी है। छह लोग घायल हुए हैं, जिनकी हालत गंभीर बताई गई है। बस चालक  को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। मौके पर पुलिस व प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी पहुंच गए। सादाबाद व जिला अस्पताल पर देर रात तक लोगों की भीड़ लगी रही।

रात 11 बजे हुआ हादसा

हादसा रात 11 बजे जिला मुख्यालय से 15 किलोमीटर दूर सादाबाद में आगरा-अलीगढ़ हाईवे स्थित भडार चौराहे के पास एसआर शीतगृह के सामने हुआ। हाथरस की ओर आ रही आलू से लदी ट्रैक्टर -ट्रॉली खराब होने के कारण रुक गई थी। इसमें सवार गांव मागड़ू के रामकिशन व गांव बढार के मोंटी ट्रैक्टर को सही करने में लगे थे।

ट्रैक्टर खराब होने पर पहुंच गए थे लोग

शीतगृह से ट्रैक्टर चालक फर्रुखाबाद के थाना झहालाबाद क्षेत्र के गांव नगला वीरिया निवासी अनिल (45) पुत्र विशंभर, इसका साथी शिवराम व शीतगृह के ऑपरेटर सादाबाद के गांव गढ़हरूप निवासी हरेंद्र (27) पुत्र हरप्रसाद, थाना सादाबाद में तैनात हैड कांस्टेबल फीरोजाबाद निवासी गिरीश यादव, टोल प्लाजा कर्मी कंजौली गांव निवासी भगवती, मथुरा के गांव रैपुरा जाट निवासी महावीर, आगरा के खंदौली निवासी पंकज भी मौके पर पहुंच गए। तभी हाथरस की ओर आ रही रोडवेज बस पीछे से ट्रैक्टर-ट्रॉली से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रैक्टर -ट्रॉली अलग हो गए। पास ही खड़े सभी चपेट में आ गए, जिन्हें सीएचसी ले जाया गया। यहां हरेंद्र, अनिल व गिरीश सहित पांच लोगों को मृत घोषित कर दिया गया। छह घायलों का इलाज चल रहा है। हादसे के चलते जाम लग गया, जिसे करीब आधा घंटे बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने वाहनों को एक ओर कर खुलवाया।  इस दौरान बस चालक फरार हो गया, जिसे बाद में पुलिस ने कुछ दूरी पर पकड़ लिया। एक घायल ने गुरुवार की सुबह दम तोड़ दिया।

अस्पताल में शव पहुंचते ही  मची अफरा-तफरी,कोहराम

होलिका दहन के बाद अधिकारी चैन की संास ले ही रहे थे कि सादाबाद के बढ़ार चौराहे पर बड़ा हादसा हो गया। हादसे में पांच लोगों की मौत से कई परिवारों की होली हमेशा के लिए सूनी हो गई। हादसे के बाद शवों के अस्पताल पहुंचने पर अफरा-तफरी मच गई। परिजनों की चीख-पुकार और मातम के बीच के बीच किसी तरह घायलों को प्राथमिक उपचार दिलाकर रेफर किया गया।

अधिकारियों के उड़े होश

हादसा उस समय हुआ जब ज्यादातर लोग एक-दूसरे को गले लगाकर होली की शुभकामनाएं दे रहे थे। किसी को होली के ऐन मौके पर बड़े हादसे की आशंका नहीं थी। हादसे में पांच लोगों की मौत की सूचना ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के होश उड़ा दिए। हादसे के तुरंत बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने और बचाव कार्यों में तेजी के लिए सादाबाद, सहपऊ, मुरसान और चंदपा थानों का फोर्स मौके पर बुला लिया गया। एएसपी सिद्धार्थ वर्मा खुद मौके पर पहुंच गए। जिला अस्पताल प्रशासन को भी अलर्ट कर दिया गया। खुद सीएमएस डॉ. आइवी सिंह इमरजेंसी पहुंचे।

अस्पताल में स्टाफ को जगाया

अस्पताल कैंपस में रहने वाले डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को नींद से जगा कर कॉल कर लिया गया। शहर कोतवाली और हाथरस गेट कोतवाली का फोर्स थाने में तैनात कर दिया गया। सीओ सिटी रामशब्द यादव भी अस्पताल पहुंच गए। हादसे में मृत ट्रक चालक हरेंद्र की रिश्तेदारी गांव रुहेरी में है। हादसे की सूचना पर हरेंद्र के रिश्तेदार अस्पताल पहुंच गए। एंबुलेंस से घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। यहां डॉक्टरों ने जैसे ही घायलों में से पांच को मृत घोषित किया, चीख-पुकार शुरू हो गई। हरेंद्र के परिजन भी रोने-बिलखने लगे। हादसे के बाद देर रात पुलिस अस्पताल में तैनात रही और घायलों की हालत की रिपोर्ट लेती रही। अधिकारियों ने रात में ही शवों के पोस्टमार्टम कराने की बात कही है।

गिरीश ने बंद कराया था अलीगढ़ का तस्वीर महल सिनेमा हॉल
हाथरस हादसे में मारा गया सिपाही गिरीश चंद्र यादव अलीगढ़ में लंबे समय तक तैनात रहा था। अधिक समय उसका एसओजी में गुजरा था।  तस्वीर महल (पिक्चर हाल)को बंद कराने का श्रेय उसी को जाता है। तत्कालीन एसएसपी असीम अरुण के समय मे गिरीश ने पठानी शूट पहन के तस्वीर महल में ब्लू फिल्म चलने की रैकी की थी। गिरीश की मुखबरी पर एसओजी ने छापा मारकर कार्रवाई की थी। इसके बाद से हाल बंद है। कई और केस सुलझाने में गिरीश का योगदान रहा।उसके निधन की सूचना पर कई पुलिस कर्मी अलीगढ़ से हाथरस गए हैं।

Posted By: Mukesh Chaturvedi

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