अलीगढ़, जागरण संवाददाता। मंगलायतन विश्वविद्यालय में 73 वां गणतंत्र दिवस कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए सादगी के साथ मनाया गया। कुलपति प्रो. केवीएसएम कृष्णा ने ध्वजा रोहण किया। राष्ट्रगान के साथ ही सभी ने राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी और देश सेवा में बलिदान हुए रणबांकुराें को नमन किया।

हमें आत्‍मचिंतन की जरूरत : प्रो केवीएसएम कृष्‍णा

कुलपति प्रो. केवीएसएम कृष्णा ने गणतंत्र दिवस की शुभकामनां देते हुए कहा कि सफलता की सीढ़ियां चढ़ने में हमारे साथ दूसराें का भी योगदान होता है। 73 साल पहले संविधान तैयार किया गया था। आज हमें आत्मंचिंतन करना चाहिए की क्या हम इसका पालन करते हैं। हमारा देश महान है, कल्चर महान है, हमारा संविधान महान है। हमें विचार करने की आवश्यकता है कि संविधान को ग्रन्थ की तरह पूजें।

हमारी जिम्‍मेदारी है कि आने वाली पीढ़ी हम पर गर्व करे

कुलसचिव ब्रिगेडियर समर वीर सिंह ने गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्हाेंने कहा कि हम सबको गर्व है हम गणतंत्र हैं। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियाें ने देश के लिए प्राण न्योछावर कर दिए। हमारी जिम्मेदारी है कि आने वाली पीढ़ी हम पर गर्व करें। हमारा हर काम देश के नाम होना चाहिए आैर याद रखें कि देश निर्माण सिर्फ सेना में भतÊ होने से नहीं होता अपने कर्तव्याें का निर्वहन पूरी ईमानदारी से करें यह भी देश सेवा है। आज संकल्प लेना चाहिए कि अपने कार्यो को ईमानदारी से करेंगे। कंप्यूटर विभाग के अध्यक्ष अभिषेक गुप्ता ने भी अपने विचार रखे।

सांस्‍कृतिक कार्यक्रमों की धूम

इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमाें का भी आयोजन हुआ। जिसमेंें आशीष, नमन, रूचि, अलीना ने हम सब भारतीय है गीत की प्रस्तुति से समा बांधा। ज्योति गौतम ने देश मेरा रंगीला गीत पर भाव नृत्य की प्रस्तुति दी। बालक कान्हा एवं रमेश चंद ने देश भक्ति के गीत सुनाए। संचालन प्रवक्ता मयंक जैन ने किया। वर्ष 2021 में मंविवि में उत्कृष्ठ सेवा देने वाले संयुक्त कुलसचिव डॉ. दिनेश शर्मा, प्रशासनिक अधिकारी गोपाल राजपूत, प्रो. सिद्धार्थ जैन, प्रो. अनुराग शाक्य, डॉ. स्वाती अग्रवाल, डॉ. दीपशिखा, तरूण शर्मा, नन्दकिशोर वर्मा, विजया सिंह, शिशुपाल सिंह, ममता, राजवीर सहित 41 पदाधिकारी व कर्मचारियाें को कुलपति द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

ये लोग रहे उपस्‍थित

इस अवसर पर प्रो. जयंती लाल जैन, प्रो. उल्लास गुरूदास, अंकुर अग्रवाल, प्रो. पीबी राउ वैंकट, प्रो. महेश, डॉ. सुहाग, डॉ. शशांक, डॉ. संजयपाल, डॉ. जीवन, डॉ. संतोष गौतम, स्वेता भारद्वाज, विलास फालके, देवाशीष चक्रवर्ती आदि थे।

Edited By: Anil Kushwaha