अलीगढ़, जागरण संवाददाता। उत्तर प्रदेश फार्मेसी काउंसिल में रजिस्ट्रेशन व नवीनीकरण के लिए फार्मासिस्टों को अब लखनऊ के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। वे घर बैठे कंप्यूटर से ही आनलाइन रजिस्ट्रेशन-नवीनीकरण करा सकेंगे। फीस भी इंटरनेट बैंकिंग के जरिए जमा हो सकेगी। रजिस्ट्रेशन के लिए सिर्फ एक बार दस्तावेज सत्यापन के लिए आफिस आना पड़ेगा। अलीगढ़ में ही करीब तीन हजार फार्मासिस्ट हैं। अलीगढ़ समेत प्रदेश में डेढ़ लाख से अधिक फार्मासिस्ट हैं। आन लाइन रजिस्ट्रेशन होने से कई लाभ भी होंगे। अच्छी बात ये भी है कि ये सुविधा जल्द मिलने जा रही है।

27 जनवरी के बाद से सुविधा

अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शशिभूषण सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश फार्मेसी काउंसिल में पंजीकरण , नवीनीकरण व अन्य कार्य के फार्मासिस्टों को महीनों तक संघर्ष करना पड़ता है। क्योंकि, सभी कार्य अभी तक आफलाइन मोड यानी मैन्युअल होते हैं। इससे काउंसिल में फार्मासिस्कों का आर्थिक व मानसिक शोषण होता है। हमारी एसोसिएशन लंबे समय से उत्तर प्रदेश फार्मेसी काउंसिल में होने वाले पंजीकरण-नवीनीकरण संबंधी सभी कार्य आनलाइन शुरू कराने की मांग करती रही। काउंसिल ने आनलाइन रजिस्ट्रेशन-नवीनीकरण की तैयारी कर ली है। इससे प्रदेश के करीब डेढ़ लाख फार्मासिस्टों को लाभ मिलेगा। तीन अन्य राज्यों में पहले से आनलाइन कार्य हो रहे हैं।

ये होगा फायदा

काउंसिल के कार्य आनलाइन होने से फार्मासिस्टों के समय और धन की बचत होगी। ड्रग कंटोल विभाग को वेबसाइट से ही फार्मासिस्ट के रजिस्ट्रेशन व अन्य विवरण का पता रहेगा। किसी भी तरह का योग्यता को भी जुड़ा सकेंगे। घर बैठे इंटरनेट के जरिए फार्मासिस्ट अआनलाइन रजिस्ट्रेशन व नवीनीकरण करा सकते हैं।

ऐसे होगा कार्य

  • काउंसिल की ओर से जल्द ही वेबसाइट जारी की जाएगी, जिस पर पंजीकरण व नवीनीकरण से संबंधित समस्त विवरण उपलब्ध होगा।
  • तीन राज्यों में जो व्यवस्था शुरू हुई है। उसके अनुसार कार्य कराने वाले को पासवर्ड दिया जाएगा। मोबाइल नंबर, ई-मेल तथा लागिन पर वस्तु स्थिति का मैसेज जाएगा।

Edited By: Anil Kushwaha