AMU में छात्रसंघ चुनाव की मांग पर बढ़ा तनाव, दिनभर प्रदर्शन के बाद रात में धरना स्थल पर मारपीट; छात्र फैसल त्यागी घायल
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर दिनभर प्रदर्शन के बाद रात में धरना स्थल पर मारपीट हो गई, जिसमें छात्र फैसल त्यागी घायल हो गए।

छात्रों के प्रदर्शन का फाइल फोटो।
HighLights
एएमयू में छात्रसंघ चुनाव की मांग पर दिनभर प्रदर्शन
रात में धरना स्थल पर बाहरी युवकों संग मारपीट हुई
छात्र फैसल त्यागी घायल, यासिर फहद से धक्का-मुक्की हुई
जागरण संवाददाता, अलीगढ़। छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग को लेकर सोमवार को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में दिनभर चले प्रदर्शन के बाद रात में धरना स्थल पर मारपीट हो गई। रात करीब 10 बजे 50-60 युवक धरना स्थल पर पहुंचे। इनमें कुछ एएमयू के छात्र बताए गए, जबकि कुछ बाहरी युवक थे। इसी दौरान धरने पर बैठे छात्रों और युवकों के बीच खींचतान शुरू हो गई, जो मारपीट में बदल गई।
घटना में छात्र फैसल त्यागी को चोट लगी। भूख हड़ताल पर बैठे यासिर फहद से भी धक्का-मुक्की हुई। धरना स्थल पर हुई घटना के बाद एएमयू प्रशासन के सामने शांति व्यवस्था बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो गया है। प्राक्टोरियल टीम लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है।
कुछ बाहरी युवकों के शामिल होने का आरोप, छात्र फैसल त्यागी घायल
प्रॉक्टर प्रो. नवेद खान ने बताया कि रविवार को भी धरना स्थल पर पांच बाहरी युवक पहुंचे थे। उनके नाम सहित सिविल लाइंस थाने में शिकायत दी गई है। सोमवार रात मारपीट करने वालों में दो ऐसे युवक भी शामिल बताए गए हैं, जिनके खिलाफ रविवार को शिकायत की गई थी। इससे पहले छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं डक प्वाइंट पर एकत्र हुए। छात्रों ने रास्ता रोककर ‘वी वांट यूनियन’ और ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के नारे लगाए।
निलंबित छात्र यासिर फहद की बहाली की भी मांग
छात्राओं को आंदोलन के लिए प्रेरित करने के आरोप में निलंबित किए गए यासिर फहद को छात्रों ने कंधे पर बैठाकर घुमाया। छात्र यासिर फहद की बहाली और छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान डक प्वाइंट के सामने रास्ता बंद करने को लेकर छात्रों और पुलिस के बीच भी नोकझोंक हुई।
सिविल लाइंस इंस्पेक्टर सत्यवीर सिंह ने रास्ता रोकने पर आपत्ति जताई। छात्रों ने इसे एएमयू की जमीन बताया, जबकि पुलिस अधिकारियों ने सड़क को नगर निगम का बताया। इस पर काफी देर तक बहस हुई। पुलिस ने जमीन से जुड़े दस्तावेज मांगे और मामला कानूनी तरीके से सुलझाने की सलाह दी।
आठ वर्ष से नहीं हुए चुनाव
एएमयू में करीब आठ वर्ष से छात्रसंघ के चुनाव नहीं हुए हैं। छात्रों का कहना है कि यूनियन न होने से उनकी समस्याओं को उठाने और समाधान कराने के लिए प्रभावी मंच नहीं है। सत्र शुरू होते ही छात्रसंघ चुनाव की मांग जोर पकड़ती है, लेकिन अब तक चुनाव नहीं हो सके हैं।
बजरंग बल ने कार्रवाई को सही बताया
बजरंग बल के संयोजक गौरव शर्मा ने पुलिस की कार्रवाई को सही बताया है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक सड़क को बंद करने का अधिकार किसी व्यक्ति को नहीं है। उन्होंने जिला प्रशासन और मुख्यमंत्री से मामले की जांच की मांग की है।
किसी की प्रॉक्टर की कुर्सी पर नजर तो किसी की अन्य पद पर
छात्रों के बीच चल रहे विवाद के नई-नई बातें और सामने आने लगी है। छात्र नेता फेस शेरवानी ने आरोप लगाया है कि धरने के पीछे कुछ शिक्षकों की साजिश नजर आ रही है। उनका कहना है कि कुछ शिक्षक विश्वविद्यालय में महत्वपूर्ण पदों पर काबिज होने की कोशिश में छात्रों के आंदोलन को पीछे से समर्थन दे रहे हैं। किसी की नजर प्रॉक्टर की कुर्सी पर है तो किसी की अन्य पर। छात्रों का आरोप सही है तो यह गंभीर मामला है।
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यदि छात्रों की राजनीति में शिक्षकों का दखल है और आंदोलन को जारी रखने के लिए उन्हें समर्थन दिया जा रहा है तो यह विश्वविद्यालय के हित में नहीं है। इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए. फैसल त्यागी ने कहा है कि वह तो धरने के समर्थन में गए थे लेकिन वहां पर पहले से मौजूद अराजक तत्वों ने उन पर हमला किया. यह यूनिवर्सिटी किसी एक की नहीं है सभी की है।
