जागरण संवाददाता, अलीगढ़ : माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए कोरोना काल में प्रैक्टिस एक्सरसाइज की व्यवस्था की गई थी। इसके तहत विद्यार्थियों को होमवर्क के अलावा प्रैक्टिस एक्सरसाइज हल करने को दी जा रही थी। अब इस प्रैक्टिस एक्सरसाइज का उपयोग हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के छात्र-छात्राओं को बेहतर तैयारी कराने के लिए किया जाएगा। प्रैक्टिस एक्सरसाइज से जुड़ना 10वीं व 12वीं के हर विद्यार्थी के लिए अनिवार्य है।

डीआइओएस डा. धर्मेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि छात्र-छात्राओं को अब सीबीएसई की तर्ज पर प्रैक्टिस एक्सरसाइज आनलाइन मुहैया होगी। विद्यार्थियों को पढ़ाई जा रही विषय सामग्री उनके दिमाग में रहे, इसके लिए ये पहल की जा रही है। हर कालेज के प्रधानाचार्य अपने-अपने विद्यार्थियों के लिए प्रैक्टिस एक्सरसाइज तैयार कराएंगे। नियमित एक्सरसाइज से पढ़ी हुई चीजें भूलेंगी नहीं। बोर्ड परीक्षाओं व उनकी तैयारियों को ध्यान में रखते हुए पहले हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों का कोर्स समय से पूरा कराने के निर्देश भी प्रधानाचार्यों को दिए गए हैं। एक्सरसाइज प्रैक्टिस से शिक्षकों का भी ज्ञान बढ़ेगा। इसका फायदा छात्र-छात्राओं को होगा। इस काम में लापरवाही करने की अनुमति न तो शिक्षकों को दी जाएगी, न छात्र-छात्राओं को। क्योंकि कोरोना काल में कई माह तक विद्यालयों के बंद रहने से विद्यार्थियों की पढ़ाई नहीं हो पाई है। इसकी भरपाई के रूप में भी यह प्रयास किया जा रहा है।

डीआइओएस ने बताया कि इसके अलावा विद्यार्थियों की आफ लाइन के साथ आनलाइन क्लासेज भी चल रही हैं, ताकि बोर्ड परीक्षा के लिए उन्हें पूरी तरह तैयार किया जा सके। परीक्षा में उन्हें किसी भी तरह की परेशानी न हो। हालांकि कोरोना काल में भी आनलाइन क्लासेज चलती रही थीं, मगर उनके सवालों के जवाब उस तरह से नहीं मिल पाते थे, जैसे विद्यालय में आकर मिलते हैं। अब उन्हें संतोषजनक जवाब भी मिल रहे हैं।

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