जासं, अलीगढ़ : सोना व महिला तस्करी में शामिल रोहिग्या के पकड़े जाने के बाद एलआइयू व एटीएस की स्थानीय टीम इनका नेटवर्क खंगालने में लग गई हैं। रोहिग्या की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही हैं। हालांकि टीम इस संबंध में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। दूसरी तरफ दोनों रोहिग्या के स्वजन मंगलवार दोपहर को पुलिस लाइन स्थित एलआइयू दफ्तर भी पहुंचे। सूत्रों के मुताबिक, स्वजन ने पकड़े गए रोहिग्या से मिलने की बात कही, लेकिन वहां से उन्हें लौटा दिया गया।

एटीएस ने मूलरूप से म्यामार के निवासी मो. रफीक और मो. आमीन को मकदूमनगर से गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से यूएनएचआरसी के कार्ड, एक मोबाइल फोन, पीली धातु के छह बिस्किट व 770 रुपये बरामद हुए हैं। पूछताछ में पता चला है कि दोनों यहां सोना व महिलाओं की तस्करी में शामिल थे। हालांकि स्थानीय एटीएस की टीम अपने स्तर से ये जानकारी जुटा रही है कि आखिर रोहिग्या को यहां कौन सहयोग कर रहा था। इनके संपर्क पंजाब में किससे हैं। इसके अलावा मेरठ व आसपास के जिलों में तो इनका लिक नहीं है। इन सब सवालों की तलाश में एलआइयू भी लगी हुई है। इधर, सोमवार को भी एटीएस की टीम ने आकर रफीक व आमीन की पत्नी से बातचीत की। इधर, दोनों की पत्नियां मंगलवार को एलआइयू दफ्तर पहुंची। यहां उन्होंने अपने रोहिग्या से मिलने और खुद की पीड़ा भी बताई। कहा कि खाने के लाले पड़ गए हैं। हालांकि यहां किसी अधिकारी से इनकी मुलाकात नहीं हो सकी, जिसके चलते वह लौट गईं।

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