अलीगढ़ [जेएनएन]: उत्‍तर प्रदेश के जनपद अलीगढ़ में संक्रमण के मरीजों की लगातार संख्या बढ़ रही है, फिर भी प्रशासन ने कारोबारी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए अनलॉक में पुराने शहर के प्रमुख चार बाजारों से एक माह बाद ऑड इवन की पाबंदी हटाई गई। गुरुवार को पहले ही दिन महावीरगंज दाल मंडी में ग्राहकों की भीड़ उमड़ पड़ी। थोक बाजार में खाद्यान वस्तु लेने आए बहुत से फुटकर कारोबारी तो उल्टे पांव वापस हो गए। दोपहर 12 बजे जब रेलवे रोड खुला, तो राहगीर व भीड़ ने शारीरिक दूरी के नियमों की रौद डाला। 

बाजार में लगा जाम

नौरंगाबाद स्थित प्रोविजन स्टोर के संचालक अशोक शर्मा ने कहा कि दोनों ओर की दुकान खुलने से उन्हेंने अपने कर्मचारी को थोक बाजार महावीरगंज व छिपैटी सामान लेने भेजा। कर्मचारी ने मोबाइल कर भीड़ अधिक होने की जानकारी दी। उसे हमने वापस बुला लिया। यहीं हाल मामूभांजा का था। यहां भी भीड़ के साथ बाइक सवारों ने जाम की स्थिति बना दी। व्यापारी नेता मास्टर ओमप्रकाश ने कहा कि कंपनी बाग के से आने वाले लोडेड वाहनों को पुलिस कर्मी घुसा देते हैं। इस लिए मीहलाल की प्याऊ पर जाम लग जाता है। 

तीन दिन से बंद है पालीवाल के निकट बाजार 

अचलताल परिक्रमा मार्ग स्थित पालीवाल इंटर कॉलेज पर बैरिकेङ्क्षटग लगा दी गई है। अलीगढ़ उद्योग व्यापार संगठन के मंडल प्रभारी अनुराग गुप्ता ने कहा कि इस क्षेत्र में 20 दिन पहले एक बैंक अफसर कोरोना पॉजिटिव हुए थे। अब इस क्षेत्र में कोई दूसरा केस नहीं मिला है। हैरानी वाली बात है कि नगर निगम की टीम ने वैरीकैङ्क्षटग तीन दिन पहले ही की है। इस क्षेत्र की 100 से भी अधिक दुकानें बंद हैं। जब कोई केस नहीं है, तो बाजार का रास्ता क्यों रोका है? अनुराग ने सिटी मजिस्ट्रेट से भी बात की है। एक दुकानदार ने दुकान जब खोली तो उसका पुलिस कर्मियों ने पहले धमकाया। जब बात नहीं बनी तो सात हजार रुपया का चालान काट दिया। प्रशासन भी संतुष्ट नहीं कर सका। गफलत में इस क्षेत्र को कंटेनेमेंट जोन समझ कर सील किया गया है। 

Posted By: Sandeep Saxena

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