अलीगढ़, जागरण संवाददाता। 38वीं वाहिनी पीएसी में तैनात रहे एक प्लाटून कमांडर की पत्नी को रक्त देकर शनिवार को जवानों ने इंसानियत की मिसाल पेश की। दरअसल, महिला कैंसर रोग से पीड़ित चल रही थीं, जिनके उपचार के लिए रक्त की आवश्यकता थी। इसके लिए पीएसी के जवान आगे आए और रक्तदान किया।

वाहिनी के बी दल में नियुक्त सिपाही महेश रावत, चेतेंद्र सिंह, राहुल सिरोही व अरुण कुमार ने स्वेच्छा से जेएन मेडिकल कालेज पहुंचकर रक्तदान किया। इस पर कमांडेंट अनीस अहमद अंसारी ने जवानों को नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। साथ ही भविष्य में भी इसी तरह सामाजिक कार्य करने और कर्तव्यनिष्ठ रहने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान सहायक सेनानायक राज कुमार, सूबेदार सैन्य सहायक चंद्रभान सिंह, सिपाही राम अवतार पचौरी मौजूद थे।

कोविड काल में फार्मासिस्टों ने भी निभाई अहम भूमिका

मलखान सिंह जिला चिकित्सालय के सभागार में शनिवार को विश्व फार्मासिस्ट दिवस हर्षोल्लास से मनाया गया। इसमें वक्ताअों ने ‘फार्मेसी: हमेशा आपके स्वास्थ्य के लिए विश्वसनीय’ पर विचार रखे। कहा, कोविड काल में भी फार्मासिस्टों ने अहम भूमिका निभाई।

डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के सभागार में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि मंडल अध्यक्ष मोहित चौहान व जिला मंत्री मुकेश गुप्ता ने कहा कि हास्पिटल फार्मासिस्ट, डाक्टर और मरीज के बीच प्रमुख कड़ी होता है। कोरोना महामारी में फार्मासिस्टों ने अपनी जान की परवाह किए बिना सामाजिक दायित्व का निर्वहन पूरी इमानदारी से किया है। ट्रेसिग व टेस्टिंग से लेकर वैक्सीनेशन तक में अपना योगदान दिया। जिलाध्यक्ष अनिल शर्मा, प्रभारी अधिकारी एमपी सिंह अनिल तिवारी, वीपी राजौरिया, रविंद्र शर्मा, मुकीम खान, संजीव कुमार, सुरजीत सिंह, लोकेश शास्त्री, हेमंत सैनी आदि उपस्थित रहे। डाक्टर से कम नहीं फार्मासिस्ट का महत्व : मोहनलाल गौतम जिला महिला चिकित्सालय में आयोजित फार्मासिस्ट दिवस पर सीएमएस डा. रेनू शर्मा ने कहा, मरीज के लिए जितना जरूरी डाक्टर होता है, उसके कई गुना महत्व फार्मासिस्ट का होता है, क्योकि वह मरीज को दवा देता है। फार्मेसिस्ट मनोज कुमार यादव ने बताया फार्मासिस्टों ने कोरोना काल में निडर होकर काम किया। चीफ फार्मासिस्ट अनिल तिवारी, ललित, अजय विनय, पवन, बृजेश आदि फार्मासिस्ट उपस्थित रहे।