अलीगढ़, जागरण संवाददाता। प्रदेशभर में 15 मई से तंबाकू नियंत्रण अभियान शुरू हुआ, जो 16 जून तक चलना था। इसके अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम व गतिविधियां आयोजित की जानी थी, लेकिन जनपद में एक माह का यह अभियान मात्र एक दिन में सिमट गया है। वह भी तीन दिन बाद। 18 मई को दीनदयाल अस्पताल के एनसीडी क्लीनिक में गोष्ठी आयोजित किया गया। 32 लोगों को निकोटिन च्युइंग गम बांटी गईं। उसके बाद कोई कार्यक्रम की सूचना नहीं। इससे सरकारी की मंशा पर सवाल खड़े हो गए हैं।

15 मई को आयोजित कार्यक्रम ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. नीरज त्यागी ने बताया कि तंबाकू उत्पादों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए यह तंबाकू नियंत्रण अभियान 15 जून तक चलेगा। विशेष जागरूकता कार्यक्रम के उपलक्ष्य में विविध गतिविधियां आयोजित की जा रही है। स्वास्थ्य से संबंधित खान-पान का विषेश ध्यान व अच्छा व्यवहार रखें। तंबाकू का सेवन करने से सेहत को नुकसान दायक कर सकता है।

बढ़ रहे कैंसर के रोगी

स्वास्थ्य विभाग की ओर से एनसीडी क्लीनिक में गैर संचारी रोगों की रोकथाम व उपचार के लिए हर माह हजारों लोगों की स्क्रीनिंग की जाती है। जनवरी से मार्च तक 100 से अधिक कैंसर रोगी मिल चुके हैं। इसमें 41 ओरल कैंसर, 25 ब्रेस्ट कैंसर, 27 सर्वाइकल व 11 अन्य कैंसर के रोगियों की पुष्टि हुई। यही स्थिति विगत वर्षों में रही। मेडिकल कालेज व निजी अस्पतालों में उपचार करा रहे रोगियों की संख्या भी इसके कहीं अधिक है। प्रदेश व देशभर में कैंसर रोगियों की संख्या बढ़ रही है। इसलिए सरकार का जनजागरूकता पर काफी जोर है। अफसोस, जागरूकता अभियानों को विभाग ही गंभीरता से नहीं ले रहा। जबकि, सीएमअो डा. नीरज त्यागी के अनुसार प्रत्येक सीएचसी, पीएचसी पर लोगों को तंबाकू के प्रति जागरूकता कर रहे हैं। हकीकत ये ही धरातल पर कुछ भी नजर नहीं आ रहा। इस तरह एक माह का तंबाकू नियंत्रण अभियान एक दिन में सिमट गया है, उस दिन भी खानापूरी की गई।

Edited By: Sandeep Kumar Saxena